जींद। गोहाना रोड के पास स्थित रिहायशी इलाके में लगे बॉयो गैस प्लांट को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। इस समस्या को लेकर वीरवार को शहरवासियों का प्रतिनिधिमंडल सीआरएसयू के विश्राम गृह में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विशेष मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने प्लांट को रिहायशी क्षेत्र से तुरंत हटाने की मांग की और कहा कि यह लोगों के जीने के अधिकार का उल्लंघन है। लोगों का कहना है कि इस प्लांट के कारण क्षेत्र में वायु, जल और शोर प्रदूषण बढ़ रहा है जिससे उनका सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग के विशेष मॉनिटर ने हैरानी जताई और जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा से रिपोर्ट मांगी। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल अधिकारी को भी प्लांट की जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
बाल कृष्ण गोयल ने कहा कि यदि लोगों को वास्तव में परेशानी हो रही है तो संबंधित विभाग इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते। आयोग इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा ताकि लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से कोई समझौता न हो।
स्थानीय पार्षद प्रतिनिधियों और नागरिकों ने आरोप लगाया कि प्लांट से लगातार लाइटें जलती रहती हैं और शोर के कारण लोग छतों पर सो भी नहीं पा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्लांट को शिफ्ट नहीं किया गया तो यह समस्या आगे चलकर पूरे जिले के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
इस दौरान पार्षद प्रतिनिधि डॉ. बलबीर श्योराण, मा. सेवा सिंह, यशपाल रोहिल्ला, सूबेदार सूरजमल पूनियां, सतबीर सिंह, सतबीर कुंडू, राकेश भनवाला, जोगेंद्र सिंह ने कहा कि बॉयोगैस प्लांट के कारण अभी तो आसपास के क्षेत्र में मौजूद लोगो को परेशानी आ रही है। यदि इसको जल्द ही शिफ्ट नहीं किया गया तो भविष्य में यह पूरे जिले के लिए घातक साबित हो सकता है।