05जेएनडी27-हमेटी में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन पर मौजूद मुख्य अतिथि व अन्य कर्मचारी।
जींद। हमेटी में कृषि अधिकारियों के लिए चल रहा तीन दिवसीय प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण बुधवार को संपन्न हुआ। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. गिरीश नागपाल ने कहा कि हरियाणा प्रदेश के उत्तर दिशा में चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला (ट्राई सिटी) हैं। वहीं दक्षिण में दिल्ली, गुरुग्राम व नोएडा जैसे शहर हैं, जहां पर बगैर रसायन के पैदा किए गए कृषि उत्पादों की जबरदस्त मांग है।
बाजार की मांग अनुसार फल, सब्जी व अनाज पैदा कर किसान अपने उत्पादों के अच्छे दाम पा सकते हैं। एफपीओ या जैविक उत्पाद समूह बनाकर हरियाणा के किसान कृषि में मूल्य संवर्धन कर इन शहरों में आसानी से अपने उत्पाद बेच सकते हैं। हरियाणा सरकार प्राकृतिक खेती के लिए किसानों की मदद कर रही है। इसके लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करवा कर किसान योजना का लाभ उठा सकते हैं। जो किसान गाय खरीदना चाहते हैं, उस किसान को 30 हजार रुपये की मदद दी जाती है। प्राकृतिक खेती की योजना की जानकारी व प्राकृतिक खेती करने के तरीकों को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाने में कृषि विस्तार अधिकारी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षक डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि कृषि अधिकारियों के अनुसार उनके क्षेत्र में किसानों ने प्राकृतिक खेती के मॉडल विकसित किए हैं, जहां पर वे प्राकृतिक तरीके से खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। किसानों की यह शंका कि प्राकृतिक खेती में पैदावार कम होती है भी खत्म हो गई है। सही तरीके से प्राकृतिक खेती करने वाले किसान अच्छी पैदावार भी ले रहे हैं व दाम भी उचित प्राप्त कर रहे हैं। डॉ. नागपाल ने सभी कृषि अधिकारियों को प्रशिक्षण उपरांत प्रमाण पत्र वितरित किए।