जींद। अधिवक्ता प्रवीण बूरा के साथ मारपीट के मामले में जिला बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को वर्क सस्पेंड रखा। अधिवक्ताओं ने बिजलीकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। बार के वर्क सस्पेंड के चलते अदालतों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहे।
अधिवक्ता प्रवीण बूरा के साथ 16 सितंबर को मारपीट की घटना हुई थी। उस दिन की रात करीब 10:30 बजे उनके घर की बिजली खराब हो गई थी। वह उसकी शिकायत दर्ज लेकर बिजली घर हाट पहुंचे और कर्मचारियों से शिकायत रजिस्टर मांगा। इसी दौरान रवि लाइनमैन और ऑपरेटर मनीष ने उसे आरटीआई और सीएम विंडो लगाने का मजा चखाने की बात कहते हुए बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। अधिवक्ता ने एसडीओ की एक मामले में आरटीआई लगाई हुई थी।
इसके संबंध में पुलिस ने एसडीओ समेत चार कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। अधिवक्ता विकास लोहान, अरविंद लाठर, संदीप कुमार, सोनू और नरेंद्र का कहना है कि मामले में जब तक बिजलीकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वर्क सस्पेंड को आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया जाएगा।