जुलाना (जींद)। कस्बे के वार्ड-1 निवासी रामभगत के परिजनों को बांग्लादेश सरकार ने 1971 में स्वाधीनता संग्राम में अहम योगदान देने पर प्रशस्ति पत्र भेजा है। रामभगत 1971 में सेना में लड़ते हुए शहीद हो गए थे। भारत के सैनिकों ने बांग्लादेश के स्वाधीनता संग्राम में अहम योगदान देने पर बांग्लादेश सरकार ने प्रशस्ति पत्र भेजा है।
बांग्लादेश सरकार ने अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाते हुए वीर शहीदों को याद किया और उनके परिजनों को प्रशस्ति पत्र भेजे गए। पूर्व सैनिक नरेंद्र लाठर ने कहा कि शहीदों की बदौलत ही आज हम आजादी की खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि शहीद रामभगत द्वितीय जाट रेजिमेंट में सेवारत थे। उन्होंने अपने साहस का परिचय देते हुए लड़ाई लड़ी जोकि सबके लिए गौरव की बात है। प्रशस्ति पत्र पर तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और राष्ट्रपति अब्दुल हमीद के हस्ताक्षर हैं। बांग्लादेश सरकार की ओर से यह पत्र वर्ष 2018 में भेजा गया था लेकिन सात साल के लंबे अरसे के बाद शहीद के परिजनों को यह प्रशस्ति पत्र मिला है।