संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने वीरवार को शहर में भव्य त्रिशूल दीक्षा व शौर्य यात्रा निकाली। इस दौरान युवा कार्यकर्ता हाथों में त्रिशूल, तलवार और अन्य पारंपरिक हथियार लहराते नजर आए।
यह यात्रा शहर जयंती देवी मंदिर से शुरू होकर शहर के पंजाबी बजार, तांगा चौक, मेन बाजार से होकर गुजरी, जहां कार्यकर्ताओं ने जोर-जोर से नारे लगाए।
बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापति ने कहा कि त्रिशूल भगवान शिव का प्रतीक है जो अज्ञानता और बुराई का नाश करता है। यह यात्रा हिंदू शौर्य और आत्मरक्षा का प्रतीक है।
यह दीक्षा कार्यक्रम हिंदू युवाओं को जागृत करने के लिए आयोजित किया गया। हालांकि, विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने इसे कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। पुलिस ने यात्रा पर नजर रखी लेकिन कोई बड़ा हंगामा नहीं हुआ।
शहर में आयोजित भव्य त्रिशूल दीक्षा व शौर्य यात्रा में स्वामी सूर्यानंद, डेयरी एसोसिएशन प्रधान रमेश, प्रात संगठन मंत्री राधेश्याम, प्रांत उपाध्यक्ष राधेश्याम चिलाना, जिला अध्यक्ष सुशील सिंगला के साथ बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं मौजूद रहे।
दल से जुड़कर त्रिशूल दीक्षा लें : प्रजापति
बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापति ने कहा हिंदुओं पर अत्याचार सहन नहीं करेंगे। किशन प्रजापति ने युवाओं से आह्वान किया कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में बजरंग दल से जुड़कर त्रिशूल दीक्षा लें।
यात्रा में हथियार लहराने की करेंगे जांच : एसपी
जींद के एसपी कुलदीप सिंह ने कहा है कि धार्मिक यात्रा में हथियार लहराने का मामला संज्ञान में है। धार्मिक यात्रा में इस प्रकार का प्रदर्शन करना सही नहीं है। थाना शहर व सीआईए की टीम को जांच के लिए कहा गया है जो कि इस यात्रा की परमिशन चेक करके रिपोर्ट करेंगे।
25जेएनडी16-त्रिशूल दीक्षा एवं शौर्य यात्रा के दौरान सरेआम तलवार लहराते हुए। संवाद