बिजली व नेट कनेक्टिविटी एटीएम प्रयोग में सबसे बड़ी बाधक बन रही है। उपभोक्ता एटीएम में कैश निकालने जाते हैं, तो अक्सर एटीएम टंपरेरी आउट ऑफ सर्विस या फिर बंद मिलते हैं। इस परेशानी का हल बैंक अधिकारियों के पास भी नहीं है। वहीं रात के समय पुलिस प्रशासन के निर्देशानुसार एटीएम बंद रखे जाते हैं। शहर में एटीएम की मौजूदा हालातों को लेकर अमर उजाला टीम ने बैंक अधिकारियों से बातचीत की। बातचीत के दौरान सभी बैंक अधिकारियों ने मौजूदा हालातों के लिए बिजली व नेट कनेक्टिविटी को जिम्मेदार ठहराया।
बैंक अधिकारियों के अनुसार कमजोर नेट कनेक्टिविटी की समस्या केवल जींद की नहीं, पूरे देश की है। कमजोर नेटवर्क की वजह से संबंधित बैंक के एटीएम का संपर्क टूट जाता है, जिससे एटीएम टंपरेरी आउट ऑफ सर्विस हो जाता है। वहीं एटीएम सेवा बिजली पर काफी हद तक निर्भर करती है। शहर में कई बार घंटों बिजली गुल रहती है और एटीएम में यूपीएस का बैकअप भी कुछ घंटे तक का होता है। यूपीएस का बैकअप समाप्त हो जाने के बाद एटीएम मशीन बंद हो जाती है।
अमर उजाला की मुहिम का असर
डीआरडीए के पास स्टेट बैंक ऑफ पटियाला बैंक शाखा का एटीएम गार्ड नहीं होने की वजह से अवकाश के दिन बंद रहता है। अमर उजाला ने शनिवार के प्रकाशित अंक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। सोमवार को बैंक के मुख्य प्रबंधक से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने मौके पर ही संबंधित शाखा के अधिकारियों को आदेश देकर अवकाश के दिन एटीएम खुला रखने के आदेश दिए।
एक ही समय में सभी बैंकों की सेवा होती है प्रभावित
विकसित शहरों में तो बैंकों के पास इंटरनेट के लिए खुद के टावर लगे हुए हैं, लेकिन जींद के अधिकांश बैंकों में बीएसएनएल का ही इंटरनेट है। बैंक अधिकारियों के अनुसार बीएसएनएल के इंटरनेट में जब भी कोई तकनीकी खराबी आती है तो एक ही समय सभी बैंकों की सेवा प्रभावित हो जाती है। इसका असर एटीएम सेवा पर भी पड़ता है।
पुलिस देती है रात को एटीएम बंद रखने के निर्देश
कई बार घंटों बिजली नहीं आती है, जिससे एटीएम मशीन का यूपीएस भी जवाब दे देता है। बीएसएनएल इंटरनेट की लीज लाइन बंद होने पर आईसीडीएन लाइन बैकअप देती है, लेकिन देर बाद यह लाइन भी जवाब दे देती है। रात के समय पुलिस एटीएम बंद रखने के पुलिस प्रशासन के निर्देश हैं।
एमजे बरोट, मुख्य प्रबंधक, देना बैंक।
कैश की नहीं है कोई समस्या
बैंक ऑफ इंडिया के शहर में फिलहाल दो एटीएम हैं। कैश की तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन नेट कनेक्टविटी समस्या रहती है। यह तकनीकी समस्या है, जो बैंक के नियंत्रण में नहीं है। ग्राहकों को बेहतर सुविधा देने के लिए बैंक हमेशा प्रयासरत रहता है।
योगेश मलिक, उप प्रबंधक, बैंक ऑफ इंडिया
गार्ड की करवाई जाएगी व्यवस्था
डीआरडीए के पास वाली बैंक शाखा का एटीएम गार्ड नहीं होने की वजह से इसे अवकाश के दिन बंद रखा जाता है। यह मामला अभी संज्ञान में आया है। गार्ड की व्यवस्था की जाएगी और अवकाश के दिन भी एटीएम खुलेगा।
केआर लांबा, मुख्य प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला।
एटीएम की सुरक्षा के लिए पुलिस गंभीर है। बैंक एटीएम कैबिन में गुप्त कैमरे लगवाएं। आजकल लुटेरे पहले कैमरे को ही तोड़ते हैं, ऐसे में छिपे हुए कैमरे होने चाहिए। बैंक गार्ड रखें, पुलिस को कोई आपत्ति नहीं है।
शशांक आनंद, एसएसपी जींद।