एएसआई संदीप लाठर की आत्महत्या के मामले में उनके परिवार ने बड़ा बयान दिया है। संदीप के चाचा कुलवंत लाठर ने कहा कि संदीप को इस पूरे प्रकरण में 'बलि का बकरा' बनाया गया। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए ताकि 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो सके और किसी निर्दोष को फंसाया न जाए।
कुलवंत लाठर ने बताया कि संदीप ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संदीप की यही गलती थी कि उसने अपनी बात परिवार के सामने नहीं रखी। अगर वह हमें बताता, तो हम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले को पहले ही उजागर करते।
परिवार का कहना है कि संदीप ने अपनी जान देकर देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मिसाल कायम की है। कुलवंत ने कहा कि यह घटना अत्यंत निंदनीय है, जितनी निंदा की जाए कम है। संदीप ने अपनी जान की आहुति देकर भ्रष्टाचार के खिलाफ पहल की।
परिवार ने बताया कि चार दिन पहले संदीप अपने पैतृक गांव जींद के जुलाना आया था। उसने परिवार से बातचीत में कहा था कि भ्रष्टाचार बहुत फैल चुका है, बचा सको तो बचा लो। उनके चेहरे पर दबाव साफ नजर आ रहा था, लेकिन उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। परिवार का कहना है कि संदीप के सुसाइड नोट और छह मिनट के वीडियो में लगाए गए आरोपों की गहन जांच होनी चाहिए।