जींद। सबूतों के अभाव में रिश्वत लेने के मामले में एडिशनल सेशन जज की अदालत ने एएसआई सुधीर को बरी करार दिया है। यह मामला 2024 से विचाराधीन था।
करनाल जिला के गांव खेड़ी सरपल्ली निवासी नानक ने 23 जनवरी 2024 को एसीबी को दी शिकायत में बताया था कि करीब दो महीने पहले उसके पास एएसआई सुधीर का फोन आया। उन्होंने बताया कि तुम्हारे भाई शेर सिंह का नाम एनडीपीएस एक्ट के मामले में आया है। इसलिए उससे आकर मिल लो।
फिर वह उनसे सदर थाना सफीदों मिलने गया। इस पर एएसआई ने कहा कि वह उसके भाई को मामले से निकाल देगा। फिर उसने इस एवज में दो लाख रुपये की मांग की। इस पर नानक ने कहा कि वह इतने रुपये नहीं दे सकता। फिर पांच-छह दिन बाद दोबारा फिर सुधीर का फोन आया।
उसने कहा कि वह किसी काम से चंडीगढ़ जा रहा है। इसलिए उसे 152डी पर मिले। जब वह उससे मिला तो उसने फिर 50 हजार रुपये की मांग की। इस पर उसने 20 हजार रुपये दे दिए और 30 हजार रुपये बाद में देने को कहा।
इसके बाद एसीबी की टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। तभी से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। एडिशनल सेशन जज जयबीर ढांडा की अदालत ने आरोपी को सबूतों के अभाव में उसे बरी कर दिया है।