16जेएनडी16: पाजू कलां के एतिहासिक पारासर तीर्थ पर सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देते हुए कल
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जींद। गीता जयंती महोत्सव का शुभारंभ पाजू कलां के ऐतिहासिक पारासर तीर्थ में हुआ। रविवार को जब कार्यक्रम की शुरुआत हुई तो पूरा तीर्थ स्थल शंखनाद, भजन-कीर्तन और लोक संगीत की ध्वनि से गूंज उठा।
श्रद्धालुओं, ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने कृष्ण रास, कान्हा गुजरिया, मनमोहक भजन तथा हरियाणवी लोक रंग की विविध प्रस्तुतियों से वाहवाही लूटी। मंच पर हर प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों द्वारा सजीव अभिनय व संगीत की मधुर लहरियों ने पारासर तीर्थ को द्वापर युग के वातावरण में बदल दिया।
मुख्यातिथि श्याम मलिक ने कहा कि गीता जयंती जैसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करते हैं बल्कि युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान, मूल्य और परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के सहयोग और पहल के कारण ही गांव में इतना भव्य और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध आयोजन संभव हो पाया। इस अवसर पर रामेश्वर, रोहताश, नरेश, श्यामलाल शर्मा, सुरेश मलिक, दर्शन सिंह मौजूद रहे।