07जेएनडी09 : नई पोर्टेबल मशीन से एक्सरे करते रेडियोलॉजिस्ट संदीप जांगड़ा। संवाद
जींद। देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्स-रे पोर्टेबल मशीन उपलब्ध करवाई है। इस मशीन की खासियत यह है कि मशीन की सहायता से टीबी के मरीज को खोजने में सहायता मिलेगी और रिपोर्ट 30 सेकंड में मिलेगी। इसके बाद मरीज के बलगम की जांच करवाकर उसका उपचार किया जा सकेगा। यह मशीन सामान्य मशीन से कम रेडिएशन पर काम करती है। सबसे बड़ी बात यह है कि बिजली नहीं होने पर भी इस मशीन से काम लिया जा सकता है।
नागरिक अस्पताल 200 बेड का है। यहां दो एक्स-रे मशीन हैं। एक एक्स-रे मशीन टीबी वार्ड में तथा दूसरी नई बिल्डिंग स्थित सीटी स्कैन सेंटर में लगी हुई है। हर दिन यहां सौ से अधिक एक्स-रे किए जाते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी तब आती है, जब नई बिल्डिंग स्थित सीटी स्कैन सेंटर में लगी मशीन खराब होती है और मरीजों को एक्स-रे के लिए टीबी वार्ड में भेजा जाता है। ऐसे में यहां टीबी फैलने का खतरा बन जाता है। वहीं गंभीर अवस्था के मरीज या फिर क्षय रोगियों को एक्स-रे वार्ड में आवागमन करने में अस्पतालकर्मियों एवं संबंधित के परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इसके चलते इस मशीन की डिमांड अस्पताल प्रबंधन ने की थी।
30 सेकंड में मिलेगी रिपोर्ट
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्स-रे पोर्टेबल मशीन का डेमो सिविल सर्जन डाॅ. गोपाल गोयल, डिप्टी सीएमओ (टीबी) डाॅ. पालेराम कटारिया, डिप्टी सीएमओ (मलेरिया) डाॅ. बिजेंद्र ढांडा के समक्ष रेडियोलॉजिस्ट ऑफिसर संदीप जांगड़ा ने करके दिखाया। मात्र 30 सेकेंड में रिपोर्ट उपलब्ध हुई। वहीं गंभीर बीमारी से पीड़ित एवं दुर्घटना में घायल ऐसे मरीज जो अस्पताल के एक्स-रे कक्ष तक नहीं पहुंच सकते हैं, उनका एक्स-रे बेड पर ही किया जा सकता है। यह मशीन एक्स-रे करने के लिए गंभीर मरीजों के पास ले जाई जा सकेगी। इससे यह फायदा होगा कि मौके पर ही मरीज का एक्स-रे होते ही चिकित्सक तत्काल इलाज शुरू कर देंगे और रोगी की जान बच सकेगी।
एआई मशीन से एक्स-रे करके चिकित्सक को यह पता चल जाएगा कि रोगी के शरीर में कहां संक्रमण है और बिना समय गंवाए ही चिकित्सक संक्रमण को खत्म करने का इलाज शुरू कर देंगे। इस मशीन के जरिए होने वाले एक्स-रे की गुणवत्ता में भी सुधार होगा व जल्द रिपोर्ट मिलेगी। इससे रेडिएशन का खतरा भी नाममात्र है। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन, जींद।
07जेएनडी09 : नई पोर्टेबल मशीन से एक्सरे करते रेडियोलॉजिस्ट संदीप जांगड़ा। संवाद