07जेएनडी08-नरवाना क्षेत्र के गांव फरैण कलां क्षेत्र में सुबह के समय छाया स्मॉग। संवाद
जींद। शहर में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। शुक्रवार को एक्यूआई 291 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। इससे लोगों को आंखों में जलन, खांसी, सांस लेने में परेशानी और गले में खराश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में अब तक अलग-अलग हिस्सों में पराली जलाने के 25 मामले दर्ज किए गए हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए किसानों पर कुल 1.30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके बावजूद प्रदूषण पर अंकुश लगाने के प्रयासों को अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पराली के साथ-साथ सड़कों पर उड़ती धूल, वाहनों का धुआं और निर्माण कार्यों से निकलने वाले कण भी वायु गुणवत्ता को बिगाड़ने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
सुबह-शाम टहलने से रखें परहेज
चिकित्सकों ने सुबह और देर शाम अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या सांस की पुरानी समस्या है वे मास्क का उपयोग करें और घर के अंदर एयर प्यूरीफायर या पौधों का प्रयोग करें। यदि 300 से ऊपर एक्यूआई का स्तर लंबे समय तक रहने से फेफड़ों की कार्यक्षमता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशान होना पड़ता है।
ब्लॉक अनुसार पराली जलाने के मामले
ब्लॉक-पराली जलाने के मामले
नरवाना-05
उचाना-09
जींद-02
सफीदों-03
अलेवा-01
जुलाना-02
कुल-22
नोट :- तीन मामले प्रोसेस में हैं।
वर्जन
जिले में बढ़ रहे एक्यूआई को कम करने के लिए ग्रेप-2 लागू किया हुआ है। इसको लेकर पाबंधियां भी लगाई गई है। यदि जरूरत पड़ी तो पाबंधी बढ़ाई जाएगी। सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाएगा।-मोहम्मद इमरान रजा, डीसी जींद