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हरियाणा: 295 महिलाओं को गर्भवती दिखा 8.65 लाख रुपये का किया गड़बड़झाला, पढ़ें- पूरा मामला

Thu, 16 Jul 2020 11:42 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद/ उचाना (हरियाणा)

सार

  • आईडी और पासवर्ड चोरी कर पीएम मातृ वंदना योजना के तहत महिलाओं के भरे गए 295 फार्म
  • सुपरवाइजर की जांच में खुला मामला, सीडीपीओ की शिकायत पर युवक के खिलाफ केस दर्ज
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महिला एवं बाल विकास विभाग जींद का कार्यालय।
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विस्तार
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सीडीपीओ कार्यालय जींद में अप्रेंटिस रहे युवक ने पीएम मातृ वंदना योजना के तहत महिलाओं को गर्भवती दिखाकर 8.65 लाख रुपये का गोलमाल करने का मामला सामने आया है। युवक ने कार्यालय की आईडी और पासवर्ड चोरी कर फर्जी गर्भवती महिलाओं की लिस्ट तैयार कर यह गड़बड़ी की है। विभाग ने अब तक 295 फर्जी दस्तावेजों की पहचान कर ली है।

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उचाना की सीडीपीओ ऊषा आनंद ने पुलिस में युवक के खिलाफ पीएम मातृ वंदना योजना के तहत 8.65 लाख रुपये का गोलमाल करने की शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2017-18 तक सीडीपीओ कार्यालय जींद में हिसार जिले के मिर्चपुर गांव का अतुल कार्यरत था। उसने कार्यालय से आईडी और पासवर्ड चोरी कर फर्जी तरीके से गर्भवती महिलाओं के नाम पर 8.65 लाख रुपये हड़प लिए। 

सीडीपीओ का आरोप है कि जब सुपरवाइजर ने अपने रिकॉर्ड में लाभार्थियों की जांच की तो पाया कि जिन महिलाओं का पंजीकरण उसके द्वारा नहीं किया गया था उनका भी नाम है। इसकी जानकारी मिलने पर सभी सुपरवाइजरों को रिकॉर्ड की जांच करने को कहा गया। रिकॉर्ड की जांच करने पर 295 फार्म ऐसे सामने आए जिनका उनके पास रिकॉर्ड नहीं था। इन फार्मों के खाताधारकों को भुगतान भी ऑनलाइन किया जा चुका है। एक सप्ताह के अंदर ही सारी प्रक्रिया पूरी कर इनके खातों में रुपये का भुगतान भी कर दिया गया है।  

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सीएससी केंद्रों के साथ मिलकर होती थी गड़बड़ी

गर्भवती महिलाओं के आधार, बैंक खाते और उनके पैसे लेने की प्रक्रिया सीएससी केंद्रों के माध्यम से होती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी संचालक लोगों से मिलकर उनके दस्तावेज लेकर अतुल को दे देते थे। जिस पर अतुल इस योजना के तहत महिलाओं को लाभ देकर उनका पैसा सीएससी संचालकों के माध्यम से लेता था। बहरहाल इसकी जांच चल रही है।

विभाग की बड़ी लापरवाही
इस मामले में विभाग की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। अतुल को एक वर्ष के लिए रखा गया था मगर उसे कार्यकाल पूरा होने के बाद भी बुलाया जाता था, जिसके चलते अतुल की विभाग में अच्छी पैठ बन गई थी।

युवक से शपथ पत्र लेकर जमा करवाए 1.25 लाख 
इस मामले में सीडीपीओ ऊषा आनंद ने अतुल से विभाग की आईडी और पासवर्ड चोरी कर धोखाधड़ी से हड़पे पैसे को भी शपथ पत्र पर लिखवाकर वापस जमा करवा लिए हैं। सीडीपीओ ने युवक से एक लाख 25 हजार रुपये जमा करवाए हैं। 

आईडी, पासवार्ड को किया चोरी
सीडीपीओ ने बताया कि जींद कार्यालय में नियुक्त अतुल ने उचाना सीडीपीओ की आईडी, पासवार्ड को चोरी किया था। फार्म ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद खुद ही वेरीफाई कर देता था। अभी 295 ऐसे फार्म सामने आ चुके हैं, जिनको अतुल ने खुद वेरीफाई किया है।  

यह है योजना
पीएम मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिला का सीडीपीओ ऑफिस द्वारा पंजीकरण किया जाता है। एक हजार रुपये पंजीकरण के बाद उस महिला के खाते में डाल दिए जाते है। पंजीकरण के छह महीने दो हजार रुपये खाते में डाले जाते हैं। गर्भवती महिला के डिलिवरी होने के चार महीने बाद दो हजार रुपये फिर से खाते में डाले जाते है। इस योजना का फायदा गर्भवती महिलाओं को पहले बच्चे पर मिलता है।  

मामला दर्ज पुलिस जांच में जुटी
चौकी इंचार्ज कृष्ण कुमार खर्ब ने बताया कि सीडीपीओ ऊषा आनंद की शिकायत पर मिर्चपुर निवासी अतुल के खिलाफ योजना में गोलमाल करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।   
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