गर्भवती महिलाओं के आधार, बैंक खाते और उनके पैसे लेने की प्रक्रिया सीएससी केंद्रों के माध्यम से होती थी। ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी संचालक लोगों से मिलकर उनके दस्तावेज लेकर अतुल को दे देते थे। जिस पर अतुल इस योजना के तहत महिलाओं को लाभ देकर उनका पैसा सीएससी संचालकों के माध्यम से लेता था। बहरहाल इसकी जांच चल रही है।
विभाग की बड़ी लापरवाही
इस मामले में विभाग की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। अतुल को एक वर्ष के लिए रखा गया था मगर उसे कार्यकाल पूरा होने के बाद भी बुलाया जाता था, जिसके चलते अतुल की विभाग में अच्छी पैठ बन गई थी।
युवक से शपथ पत्र लेकर जमा करवाए 1.25 लाख
इस मामले में सीडीपीओ ऊषा आनंद ने अतुल से विभाग की आईडी और पासवर्ड चोरी कर धोखाधड़ी से हड़पे पैसे को भी शपथ पत्र पर लिखवाकर वापस जमा करवा लिए हैं। सीडीपीओ ने युवक से एक लाख 25 हजार रुपये जमा करवाए हैं।
आईडी, पासवार्ड को किया चोरी
सीडीपीओ ने बताया कि जींद कार्यालय में नियुक्त अतुल ने उचाना सीडीपीओ की आईडी, पासवार्ड को चोरी किया था। फार्म ऑनलाइन अप्लाई करने के बाद खुद ही वेरीफाई कर देता था। अभी 295 ऐसे फार्म सामने आ चुके हैं, जिनको अतुल ने खुद वेरीफाई किया है।
यह है योजना
पीएम मातृ वंदना योजना के तहत गर्भवती महिला का सीडीपीओ ऑफिस द्वारा पंजीकरण किया जाता है। एक हजार रुपये पंजीकरण के बाद उस महिला के खाते में डाल दिए जाते है। पंजीकरण के छह महीने दो हजार रुपये खाते में डाले जाते हैं। गर्भवती महिला के डिलिवरी होने के चार महीने बाद दो हजार रुपये फिर से खाते में डाले जाते है। इस योजना का फायदा गर्भवती महिलाओं को पहले बच्चे पर मिलता है।
मामला दर्ज पुलिस जांच में जुटी
चौकी इंचार्ज कृष्ण कुमार खर्ब ने बताया कि सीडीपीओ ऊषा आनंद की शिकायत पर मिर्चपुर निवासी अतुल के खिलाफ योजना में गोलमाल करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।