कृषि कानूनों के विरोध में खटकड़ और बद्दोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का धरना जारी है। बुधवार को किसानों ने दोनों ही जगह दमन विरोधी दिवस मनाया। बद्दोवाल टोल पर नायब तहसीलदार वीरेंद्र कुमार व खटकड़ टोल पर उचाना के एसडीएम प्रीतपाल व जींद के एसडीएम राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा गया।
राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में किसानों ने मांग की कि किसान आंदोलन के चलते जेलों में बंद निर्दोष किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को खारिज किया जाए। मीडिया कर्मियों के खिलाफ दर्ज झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं। दिल्ली पुलिस, एनआईए और अन्य सरकारी एजेंसियों द्वारा संघर्ष में शामिल किसानों को डराने-धमकाने के लिए भेजे जा रहे नोटिस को तुरंत बंद किया जाए। पहले दिए गए सभी नोटिस को रद्द किया जाए। दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के मोर्चे की घेराबंदी के नाम पर प्रशासन द्वारा बंद किए गए रास्तों को खोला जाए। आंदोलन के दौरान जब्त ट्रैक्टरों को छोड़ा जाए।
बद्दोवाल टोल प्लाजा पर पहुंचे अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. इंद्रजीत ने कहा कि कृषि कानून किसानों के लिए तीन जहर की पुड़िया के समान हैं। इसे सरकार देश के अन्नदाता को जबरदस्ती खिलाना चाहती है। अन्नदाता को धैर्य व शांति के साथ इस आंदोलन को चलाकर अपना आंदोलन जारी रखना होगा। बुधवार को सैंथली, सच्चा खेड़ा, डोहना खेड़ा, जुलेहरा, सुलहड़ा, राजगढ़ ढॉबी, मोहलखेड़ा, सुरजा खेड़ा, गुरुथली गांव के किसानों ने हिस्सा लिया और नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग के लिए पांच किसानों ने एक दिवसीय अनशन किया।
आंदोलन में शामिल किसानों को बिना शर्त रिहा करे सरकार
खटकड़ टोल पर किसान नेता आजाद पालवां व सतबीर पहलवान ने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान जेल में बंद किसानों की बिना शर्त रिहा किया जाए। किसान नेताओं ने कहा कि 26 फरवरी को खटकड़ टोल पर युवा दिवस मनाया जाएगा। इस दिन धरने की अध्यक्षता से लेकर मंच संचालन सब युवाओं के हाथ में होगा। खटकड़ टोल पर राकेश टिकैत की रैली में व्यवस्था संभालने वाले युवाओं को सम्मानित भी किए जाएंगे। इस आंदोलन में सबसे बड़ी भूमिका में आज युवा आगे आ रहा है।
बद्दोवाल टोल पर किसानों को संबोधित करते डॉ. इंद्रजीत सिंह।- फोटो : Jind