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सेना भर्ती के लिए कोरोना की जांच कराने आए युवकों ने किया हंगामा, दो कर्मचारियों को बंद किया

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नागरिक अस्पताल में बिना लाइन के बिल्डिंग के ऊपर चढ़कर हंगामा करते युवा।संवाद। - फोटो : Jind
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हिसार में चल रही सेना भर्ती के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे लगभग 500 युवाओं ने बुधवार को दिनभर अस्पताल में हंगामा किया। युवाओं द्वारा लाइन नहीं बनाने पर अस्पताल प्रशासन ने सैंपल लेने से मनाकर दिया था। वहीं पहले युवाओं से 500 रुपये लिए जा रहे थे, लेकिन हंगामे के बाद उसे नहीं लिया गया। युवाओं ने काफी रोष जताया कि पहले 500 रुपये क्यों लिए गए? शाम को साढ़े पांच बजे पुलिस तथा अस्पताल प्रशासन ने युवाओं को समझा-बुझाकर घर भेजा। दिनभर में केवल 218 युवाओं के ही सैंपल लिए गए। वीरवार को अस्पताल के पार्क में युवाओं के सैंपल लिए जाएंगे। जिन युवाओं ने पहले 500 रुपये दिए हैं, उनके पैसे अस्पताल प्रशासन अब वापस लौटाएगा।
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हिसार के सेना भर्ती कार्यालय में हिसार, सिरसा तथा जींद के युवाओं की सेना में भर्ती चल रही है। यह भर्ती प्रक्रिया 28 फरवरी तक चलेगी। इस भर्ती में शामिल होने के लिए युवाओं कोरोना जांच रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य किया हुआ है। इसके लिए शर्त यह भी है कि 48 घंटे के अंदर ही युवाओं की जांच रिपोर्ट होनी चाहिए। इसके लिए पिछले पांच दिन से नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 30 युवा आ रहे हैं। बुधवार को सुबह नौ बजे ही लगभग 500 युवा अपनी जांच रिपोर्ट बनवाने के लिए आ गए। अस्पताल प्रशासन ने इन्हें लाइन में आने को कहा तो किसी ने किसी भी अधिकारी की बात नहीं सुनीं। खुद एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल ने युवाओं के सैंपल लिए, लेकिन युवाओं ने हंगामा लगातार जारी रखा जिसके कारण सैंपल बंद कर दिए गए। ऐसा दिनभर में लगभग पांच बार हुआ। युवाओं द्वारा हंगामे के कारण केवल 218 के ही सैंपल लिए जा सके।
अस्पताल कर्मचारी एक घंटे में रखे कमरे में बंद
हंगामा बंद होता नहीं देखकर कोरोना जांच कार्य में लगे अस्पताल के कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। इसके बाद धीरे-धीरे सभी कर्मचारी निकल गए। यहां दो कर्मचारी अंदर रह गए तो युवाओं ने गेट को बंद कर दिया। कभी युवा गेट खोलकर कर्मचारियों को धमकाने लगे तो कभी गेट बंद कर देते। सूचना मिलने के बाद एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल, डॉ. रमेश पांचाल अन्य अस्पताल कर्मचारियों को लेकर पहुंचे और युवाओं को समझा-बुझाकर कर्मचारियों को अंदर से निकाला।
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500 रुपये नहीं लेने के मिले निर्देश
पिछले पांच दिन से अस्पताल प्रशासन इन युवाओं से 500 रुपये फीस ले रहा था। युवाओं ने काफी हंगामा किया तो अस्पताल प्रशासन ने फीस लेनी बंद कर दी। इसके बाद युवाओं ने यह कहकर हंगामा कर दिया कि पहले उनसे 500 रुपये क्यों लिए गए? अस्पताल प्रशासन ने कहा कि अब उनके पास पत्र आया है कि किसी भी कोरोना जांच करवाने आने व्यक्ति से पैसे नहीं लेने हैं, जबकि पहले पैसे लेने के आदेश थे।
कोरोना जांच रिपोर्ट के लिए आए युवाओं ने दिनभर हंगामा किया। यही कारण है कि केवल 218 का ही सैंपल लिया जा सका। मौके पर पुलिस को भी बुलाया गया। दो कर्मचारी एक घंटे तक कमरे में फंसे रहे। पहले स्वास्थ्य निदेशालय की तरफ से 500 रुपये प्रति युवा फीस लेने के निर्देश थे। सुबह एक पत्र मिला है, जिसमें फीस नहीं लेने के निर्देश हैं। जिन युवाओं ने पहले फीस दी है, उनको वापस कर दिए जाएंगे। वीरवार को खुले पार्क में युवाओं के सैंपल लिए जाएंगे।
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डॉ. गोपाल गोयल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल।
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