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सड़क दुर्घटना नहीं प्रेम प्रसंग के चलते हुई थी अनिल की हत्या

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हमीरगढ़ व बेलरखां गांव के बीच बीते 15 सितंबर को गड्ढे में निजी बस परिचालक अनिल का शव मिला था। पुलिस ने तब इसे सड़क हादसे का मामला मानते हुए कार्रवाई की लेकिन नौ दिनों बाद अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार अनिल की मौत सड़क हादसे से नहीं बल्कि साजिशन हत्या का परिणाम है। ये हत्या मृतक की प्रेमिका के परिजनों ने की थी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों सुनील, नरेश व कृष्ण को गिरफ्तार भी कर लिया है।
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गढ़ी थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि पुलिस को दी शिकायत में गांव हमीरगढ़ निवासी रामफल ने बताया था कि उसका भांजा अनिल 14 सितंबर की रात को लगभग दस बजे मोटरसाइकिल पर किसी काम से नरवाना गया था। लेकिन सुबह तक वापस नहीं आया था। सुबह उनको सूचना मिली कि गांव हमीरगढ़ व बेलरखां के बीच उसके भांजे अनिल की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार अनिल का गांव हमीरगढ़ की ही एक लड़की के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। 14 सितंबर की रात को वह प्रेमिका से मिलने के लिए उसके घर गया था। प्रेमिका से मुलाकात के बाद जब वह उसको वापस घर छोड़ने के लिए गया तो लड़की के भाइयों ने उसे देख लिया। परिजनों को जगा देखकर अनिल ने अपनी मोटरसाइकिल भगा ली। हालांकि लड़की के परिजनों ने पीछा कर गांव बेलरखां के पास अनिल की बाइक में कार से सीधी टक्कर मारकर हत्या कर दी। मौत को हादसा दिखाने के लिए सड़क के पास गड्ढों में मोटरसाइकिल के साथ उसके शव को फेंक दिया। पुलिस ने रामफ ल के बयान पर हत्या का मामला दर्ज करके कार्रवाई करते हुए सुनील उर्फ काला, नरेश व कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया।
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रामफ ल ने बताया कि उसकी बहन बाला हिसार के गांव मिर्जपुर में शादीशुदा थी। उसके पति की करीब 15 साल पहले मृत्यु हो गई थी तो वह बहन को गांव हमीरगढ़ ले आए थे। उन्होंने बताया कि अनिल उसकी मां की इकलौती संतान थी। अनिल ने 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद नरवाना-कैथल रूट पर निजी बस परिचालक के तौर पर काम करना शुरू कर दिया था।
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