जींद। आंगनबाड़ी वर्करज एवं हेल्पर यूनियन सदस्यों ने यूनियन की महासचिव दयावंती के नेतृत्व में सरकार की बेरूखी के चलते लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में उन्होंने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया और मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम सत्यवान मान को सौंपा।
उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो फरवरी से अनिश्चतकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी सरकार की होगी। प्रदर्शन से पूर्व यूनियन की प्रदेश कोषाध्यक्ष राजबाला के पति के निधन पर दो मिनट मौन रखा गया।
धरने को संबोधित करते हुए दयावंती ने कहा कि लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर में भारी रोष है। सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। इसके विरोध में प्रदेशभर में सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने मांग की है कि जैसे गुजरात हाईकोर्ट में आंगनबाड़ी वर्कर को सरकारी कर्मचारी बनाने का फैसला दिया है वह हरियाणा में भी लागू किया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा सुपरवाइजर के सभी पदों पर वर्करों से भरने का वायदा पूरा किया जाए व आयु सीमा खत्म की जाए। प्ले स्कूल व क्रेच वर्कर को पूरा ग्रेड दिया जाए।
प्रधानमंत्री द्वारा 2018 में घोषित 1500, 700 की बढ़ोतरी दी जाए, जो हरियाणा को छोड़कर पूरे देश में मिल रही है। कच्चे कर्मियों की तर्ज पर उन्हें भी पक्का किया जाए। हेल्परों की प्रमोशन को 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया जाए व आयु सीमा खत्म की जाए। सभी हेल्परों व वर्करों के खाली पड़े पदों पर भर्ती की जाए व एडियानल सेंटर का आधा वेतन दिया जाए। मेडिकल लीव पूरी दी जाए व कैशलेस सुविधा प्रदान की जाए। विभाग द्वारा दिए गए फोन के सिम कार्ड भी दिए जाए। फोटो कैप्चर वाले काम में ओटीपी पर बैन लगाया जाए। रुका हुआ भवनों का किराया, नेट पैक, स्टेशनरी, दरी, रजिस्टर, आंगनबाड़ी सेंटर में रोजाना की जरूरतों की चीजें उपलब्ध करवाई जाए। टीए और डीए हर महीने सैलरी के साथ दिया जाए। इस अवसर पर अनीता देवी, उर्मिला, खजानी, बिमला शर्मा, रोशनी, लक्ष्मी, सुनीता, बबीता, बोती, मेनका, मनजीत, रेखा, सुमन मौजूद रही।