21जेएनडी05: नवीन शास्त्री। फाइल फोट
जींद। इस बार 30 अप्रैल को अक्षय तृतीय बेहद खास रहने वाली है। 23 साल बाद अक्षय तृतीया रोहिणी नक्षत्र में आ रही हैं। इस बार अक्षय तृतीया पर रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग बनेगा। इसके चलते इस दिन शादी करना, गृह प्रवेश, खरीदारी करना, मकान खरीदना आदि बेहद शुभ रहेगा।
अक्षय तृतीया पर बिना मुहूर्त निकाले ही शादियां होती हैं और साथ ही भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाती है और उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अलावा लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है। रोहिणी नक्षत्र के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बनना भी सभी के लिए लाभदायक हैं। लोगों का मानना है कि इस दिन जो भी कार्य किए जाते हैं। वह जीवनभर के लिए शुभकारी होते हैं। ऐसे में लोग अक्षय तृतीया पर किए जाने वाले शुभ कार्यों की तैयारियों में जुट गए हैं।
अक्षय तृतीया के दिन सर्वार्थ सिद्धि, शोभन, रवि योग का शुभ संयोग
अक्षय तृतीया के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इसी के साथ शोभन और रवि योग का भी संयोग बनेगा। अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग में पूजा करने से सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है। इस योग में माता लक्ष्मी की पूजा करने से सौभाग्य और समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। 30 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट तक शोभन योग रहेगा। वहीं रवि योग शाम 4:18 बजे शुरू होकर पूरी रात रहेगा। इस दौरान खरीदारी करना और अन्य जो भी काम करना शुभ होगा। अक्षय तृतीया के दिन व्रत और दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है। गंगा स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।
माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विधान
जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि अक्षय तृतीया तिथि का विशेष महत्व होता है और यह दिन बेहद शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर सभी तरह के शुभ कार्य बिना किसी मुहूर्त के किए जा सकते हैं। इस दिन शादी करना, गृह प्रवेश, खरीदारी करना, मकान खरीदना आदि शुभ होता है। अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम की जयंती भी मनाई जाती है और उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अलावा लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन किए कार्यों से अक्षय फलों की प्राप्ति है। इस दिन जो भी शुभ कार्य, पूजा पाठ या दान पुण्य आदि किया जाता है। वह सब अक्षय हो जाता है। अक्षय तृतीया के दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। ऐसा करने से घर में सुख और समृद्धि आती है।