फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: आकाश इंस्टीट्यूट पर गुमराह कर 30 हजार रुपये हड़पने का आरोप

विज्ञापन
02जेएनडी14-महिला द्वारा आकाश इंस्टीट्यूट में जमा करवाए गए 30 हजार रुपये का स्क्रीन शॉट। स्रोत म
विज्ञापन
जींद। एक महिला ने आकाश इंस्टीट्यूट पर गुमराह कर 30 हजार रुपये हड़पने के आरोप लगाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत दी है। जिला शिक्षा अधिकारी और डीसी के नाम भेजी शिकायत में विजय नगर की विधवा महिला पूनम ने बताया कि उसके बेटे अक्षित ने इसी साल दसवीं कक्षा पास की है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि उसका बेटा जेईई मेंस की तैयारी करना चाहता था। वह जींद के गोहाना रोड स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में जानकारी लेने के लिए चले गए। वहां पर स्टाफ ने बच्चे के अंकों के बारे में जानकारी लेकर दसवीं का रिजल्ट और बाकी दस्तावेज ले लिए और एक लाख 55 हजार रुपये साल की फीस बताकर 30 हजार रुपये जमा करवा लिए।
पूनम ने बताया कि 26 मई को उसने 30 हजार रुपये आकाश इंस्टीट्यूट के खाते में गूगल पे के जरिए जमा करवा दिए। इंस्टीट्यूट द्वारा किसी तरह का डेमो भी नहीं दिया गया।
विज्ञापन

जब वह स्कूल में 11वीं कक्षा में नॉन मेडिकल में बच्चे के दाखिले को लेकर पहुंचे तो स्कूल स्टाफ ने बताया कि हरियाणा बोर्ड के नियमानुसार बच्चा नॉन मेडिकल संकाय में दाखिला नहीं ले सकता, क्योंकि अक्षित के गणित में 40 और विज्ञान विषय में 49 अंक थे। इसलिए नॉन मेडिकल में दाखिले के लिए अयोग्य हो गया।
यह बात उन्होंने आकाश इंस्टीट्यूट में जाकर बताई तो स्टाफ ने उन्हें एडमिशन का आश्वासन दिया। इसलिए एक-दो दिन उसने इंतजार किया, जब किसी भी स्कूल में बच्चे का एडमिशन नहीं हो पाया तो वह रुपये लेने के लिए वापस गई। उसके रुपये वापस नहीं दिए गए और बाकी एक लाख 25 हजार रुपये भी जमा करवाने का दबाव बनाने लगे।
पूनम ने कहा कि उन्हें गुमराह करके अधूरी जानकारी देते हुए बच्चे का रजिस्ट्रेशन कर दिया। अब उनके रुपये रिफंड भी नहीं कर रहे हैं। जब उनका बच्चा जेईई मेंस के लिए जरूरी विषय ही नहीं पढ़ पाएगा तो वह कोचिंग लेकर क्या करेंगे। डीसी और जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर पूनम ने मांग की कि उसके रुपये वापस दिलवाए जाएं।
वर्जन
आरोप लगाने वाली महिला उनसे मिली नहीं है। वह काउंटर पर पूछताछ करके चली गई। उनके बच्चे का दाखिला हुआ है। आकाश इंस्टीट्यूट के नाम फीस कटी हुई है। महिला उनसे आकर मिले और अपनी समस्या के बारे में एप्लिकेशन दें तो समाधान कर दिया जाएगा। -राजेश देशवाल, इंचार्ज, आकाश इंस्टीट्यूट

02जेएनडी14-महिला द्वारा आकाश इंस्टीट्यूट में जमा करवाए गए 30 हजार रुपये का स्क्रीन शॉट। स्रोत म

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें