23जेएनडी14: नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज। संवाद
जींद। दीपावली के बाद शहर की आबोहवा लगातार जहरीली होती जा रही है जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। वीरवार को भी प्रदूषण में सुधार नहीं दिखा और चार बजे एक्यूआई 302 दर्ज किया गया। पिछले दो दिनों में सांस के रोगियों की ओपीडी में 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है और मरीजों की संख्या 150 से 160 तक पहुंच गई है। बुधवार को एक्यूआई 319 व मंगलवार को एक्यूआई 427 दर्ज किया गया।
सांस के अलावा आंखों में जलन और गले में खराश के मरीज उपचार के नागरिक अस्पताल में आ रहे हैं। ज्यादातर मरीज अस्थमा, खांसी और सांस फूलने के हैं। दीपावली पर्व से पहले जिले में एक्यूआई सामान्य स्तर पर था। इसके बाद धान के अवशेष जलाने व दो से तीन दिन हुई आतिशबाजी से हवा खराब हो गई है।
वहीं मौसम में बदलाव की शुरूआत के कारण भी एलर्जी, सर्दी, खांसी, जुखाम, फीवर, हड्डियों में दर्द के मरीज की संख्या अस्पताल में बढ़ी है।
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ऐसे करें बचाव
धूल, धुआं, परागकण और ठंडी हवा से बचाव करें। मास्क का उपयोग करें। इन्हेलर का उपयोग डॉक्टर की सलाह से करें। नियमित व्यायाम, स्वस्थ आहार और तनाव प्रबंधन से इम्यूनिटी मजबूत करें। मौसम के बदलाव में सावधानी बरतें और डॉक्टर की सलाह पर नियमित जांच करवाएं।
इन दिनों में प्रदूषण के कारण सांस के रोगियों को ज्यादा खतरा होता है। पहले से बीमार बच्चे व बुजुर्गों को इसके संक्रमण का ज्यादा डर रहता है। सांस के रोगी संभव हो तो बाहर न निकलें। प्रदूषण से बचने के लिए खिड़कियां व दरवाजे बंद रखें। विटामिन सी से भरपूर फल, सब्जियां खाएं और पौष्टिक आहार लें।
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