तीन दिन से जिले में किसी भी कोरोना संक्रमित की मौत नहीं हुई। लेकिन मंगलवार को एकदम से चार लोगों की मौत से कोरोना ने फिर से अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई है। वहीं 23 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि ठीक होने वालों की संख्या 20 तक सिमट गई। पिछले एक महीने से लगातार पॉजिटिव से ठीक होने वालों की संख्या अधिक थी, लेकिन मंगलवार को पहली बार संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ गया है।
कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि मंगलवार को कारखाना गांव निवासी 62 वर्षीय महिला, बुढ़ाखेड़ा निवासी 65 वर्षीय महिला, फुलियां कलां निवासी 35 वर्षीय युवक, सुंदरपुरा निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं स्वास्थ्य विभाग को मंगलवार को 812 लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट मिली। इनमें से 23 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अब तक जिले में 21061 लोग संक्रमित हो चुके हैं। जबकि 20254 लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक जिले में 519 लोगों की कोरोना की वजह से मौत हो चुकी है। इस समय जिले में 288 संक्रमित बचे हैं। एक महीने बाद पहली बार एक्टिव केसों की संख्या में इजाफा हुआ है।
आठ दिन में 13 लोगों की मौत हुई
जून महीने के आठ दिन में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से तीन दिन किसी की भी मौत नहीं हुई थी। एक जून को चार, दो जून को दो, तीन जून को चार तथा चार जून को एक व्यक्ति की मौत हुई थी। पांच, छह तथा सात जून को किसी की मौत नहीं हुई थी। आठ जून को एक साथ चार लोगों की मौत हुई है।
लापरवाही पड़ जाएगी भारी
पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है। इससे लोग लापरवाह हो गए हैं। बाजार में इस समय काफी भीड़ हो रही है। इसमें काफी लोग मास्क का प्रयोग नहीं करते। बाजारों में लोग शारीरिक दूरी के नियम का पालन तो बिल्कुल नहीं करते हैं। इसी प्रकार सब्जी मंडी तथा अस्पताल में भी लोग लापरवाही कर रहे हैं। यदि इसी प्रकार से लापरवाही जारी रही तो संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ सकता है।
सावधानी में ही बचाव है। लोगों को लगातार सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषकर भीड़ की जगह से बचना चाहिए। मास्क का हर समय प्रयोग करना चाहिए तथा शारीरिक दूरी बनाकर रखनी चाहिए। नहीं तो संक्रमण के मामले कम नहीं होंगे। -डॉ. मनजीत सिंह, सिविल सर्जन।