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अल्टीमेटम के बाद डीसी कार्यालय के बाहर से उठकर लघु सचिवालय के मोड़ पर धरने पर बैठे मृतक के परिजन

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लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे मृतक के परिजन। संवाद - फोटो : Jind
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डीसी कार्यालय के बाहर मंगलवार को धरने पर बैठे लोगों को रात 11 बजे प्रशासन ने 20 मिनट का अल्टीमेटम देकर उठा दिया। अधिकारियों ने धरना दे रहे लोगों को बताया कि डीसी कार्यालय के बाहर धरना देना नियम के खिलाफ है। यहां प्रशासनिक कार्य चलता है। इस दौरान इन लोगों के हस्ताक्षर करवाए और अल्टीमेटम देकर निर्धारित समय में हटा दिया।
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इसके बाद धरना दे रहे मृतक के परिजनों ने अपनी 20 लाख रुपये व डीसी रेट की नौकरी की मांग को लेकर लघु सचिवालय के बाहर मोड़ पर धरना शुरू कर दिया। धरना दे रहे लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि वह नागरिक अस्पताल के शवगृह से शव को लाकर धरनास्थल पर रखेंगे। इस पर प्रशासन ने नागरिक अस्पताल के शवगृह पर पुलिस का पहरा लगाकर शव को उठाने से मना कर दिया। फिलहाल लघु सचिवालय के बाहर धरना जारी है। ऐसे में इन लोगों ने लघु सचिवालय मोड़ पर ही धरना शुरू कर दिया है।
अचानक हरकत में आया प्रशासन
आंदोलन कर रहे लोगों ने शव को अस्पताल से उठाकर धरना स्थल पर ही रखने की योजना बनाई। शव रखने के लिए फ्रीजर की विशेष व्यवस्था की, लेकिन यह तैयारी देखकर प्रशासन हरकत में आया और तुरंत पुलिस को अस्पताल में शवगृह के बाहर तैनात कर दिया। इससे शव को नहीं लाया जा सका।
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प्रशासन से सिरे नहीं चढ़ी बात
सुनील के परिवार को आर्थिक सहायता व नौकरी देनेे के मुद्दे पर मंगलवार रात करीब 11 बजे तक प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच बातचीत चलती रही, पर समझौता नहीं हो सका। एसडीएम दलबीर सिंह के अनुसार प्रशासनिक तरीके से जो भी हो सकता है, वह किया जा रहा है। वहीं एससी-ए महापंचायत के अध्यक्ष देवीदास वाल्मीकि के अनुसार प्रशासन महज तीन लाख रुपये देने व पार्ट वन के तहत नौकरी की बात कर रहा है। यह पीड़ित परिवार का मजाक है। देवीदास वाल्मीकि के अनुसार प्रशासन अपनी तानाशाही दिखाकर अनुसूचित जाति के लोगों को दबा रहा है। इसके विरोध में आंदोलन तेज किया जाएगा।
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