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32 साल बाद चौधरी देवीलाल की तरह फिर से विपक्ष को लामबद्ध करने में जुटे ओमप्रकाश चौटाला

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पूर्व उप्रपधानमंत्री चौधरी देवीलाल की 108वीं जयंती के मौके पर जींद में होने वाली इनेलो की प्रदेश स्तरीय रैली से इनेलो को काफी उम्मीदें हैं। इनेलो के प्रधान महासचिव अभय चौटाला ने कहा कि जिस प्रकार 32 साल पहले 1989 में चौधरी देवीलाल ने पूरे देश में कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक दलों को एकजुट किया, अब ओमप्रकाश चौटाला भी ऐसा ही कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता से मिली हुई है, ऐसे में दोनों ही राजनीतिक दलों का विकल्प जरूरी है। 25 सितंबर के बाद यह बदलाव भी दिखेगा।
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पत्रकारों से बातचीत में चौटाला ने कहा कि 25 सितंबर की रैली से प्रदेश ही नहीं, देश की राजनीति में बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि रैली में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, मुलामय सिंह यादव, फारुख अबदुल्ला, केसी त्यागी, जयंती चौधरी, प्रकाश सिंह बादल, चंद्रबाबू नायडू सहित देश के कई बड़े नेता शामिल होंगे। चौटाला ने कहा कि आज केंद्र सरकार की नीतियों के कारण देश गिरवी रखा जा रहा है। बहुमत के बल पर सरकार ऐसे फैसले ले रही है जो देश के हित में नहीं है। कांग्रेस भी सरकार से मिली हुई है। 1987 में भी कांग्रेस ने बहुमत के बल ऐसे ही फैसले लिए थे तब चौधरी देवीलाल ने देश के सभी राजनीतिक दलों को एकत्रित किया था। उस समय पहली बार ऐसा हुआ कि लेफ्ट व राइट राजनीतिक दल एक साथ आए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार रक्षा क्षेत्र में भी कई ऐसे समझौते कर रही है जिनका परिणाम घातक होगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रामफल कुंडू, सतीश जैन, बिजेंद्र रेढू, बलवान कुंडू, सुमित्रा देवी मौजूद रहे।
अभय चौटाला ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से सत्ता के साथ है। भूपेंद्र हुड्डा वही करते हैं जो सरकार चाहती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में धान घोटाला, शराब घोटाला, बाजरा घोटाला, दवाई घोटाला परीक्षा घोटाला सहित नौ घोटाले हुए हैं। आज तक कांग्रेस ने इन मुद्दों को नहीं उठाया। यहां तक की ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र को खाली हुए छह महीने से अधिक समय हो गया है। संविधान कहता है कि छह महीने में चुनाव हो जाना चाहिए। इसके बावजूद कांग्रेस ने कोई सवाल नहीं उठाया। पिछले दिनों विधानसभा में कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ऐलनाबाद चुनाव के लिए सरकार ने अदालत में शपथपत्र दिया कि अभी कोरोना का असर है और चुनाव नहीं हो सकता, जबकि पंचायत चुनाव के लिए अदालत में कहा कि प्रदेश में चुनाव करवाए जा सकते हैं।
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