जींद। राजकीय महिला महाविद्यालय की एनएसएस इकाई एक और दो के तत्वावधान में चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर का छठा दिन लोकतंत्र और नागरिक उत्तरदायित्व थीम के अंतर्गत जागरूकता के साथ मनाया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह योग औश्र ध्यान सत्र से हुई जिसका संचालन दलबीर शर्मा ने किया। इस दौरान दीप्ति मित्तल, सदस्य जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड, प्रवेश राणा, केंद्र प्रमुख रामाकृष्णन योग केंद्र मौजूद रहे। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को नियमित योग, प्राणायाम एवं ध्यान करने पर जोर दिया।
इसके बाद स्वयंसेविकाओं ने गांव पांडु पिंडारा में नुक्कड़ नाटक से ग्रामीणों को बताया कि नशा केवल स्वास्थ्य ही नहीं, सम्मान भी छीन लेता है। स्वयंसेविकाओं ने नारों के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई। ड्रग्स को कहो ना, जीवन को कहो हां। ग्रामीणों ने नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। इसके साथ ही राजकीय उच्च विद्यालय, पांडु पिंडारा में मतदान के महत्व पर नाटिका का मंचन भी किया गया।
छात्राओं ने बताया कि एक-एक वोट देश के भविष्य को दिशा देता है और लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की भागीदारी पर निर्भर करती है। सायंकालीन सत्र में लोकतंत्र और नागरिक उत्तरदायित्व विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता रघुवीर भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है बल्कि यह जिम्मेदार नागरिक बनने, कानून का पालन करने, सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का नाम है।
इसके पश्चात मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेविकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। दिनभर के कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयंसेविकाओं में सामाजिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति का विकास हुआ।