26जेएनडी15-वीसी में भाग लेते हुए अधिकारी।
जींद। शिक्षा विभाग के स्कूल शिक्षा महानिदेशक (डीजीईई) और स्कूल शिक्षा निदेशक (डीएसई) की अध्यक्षता में प्रवेश उत्सव की समीक्षा को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंस हुई। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी सुमित्रा देवी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. सुभाष वर्मा, एफएलएन जिला कोऑर्डिनेटर सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान इस बात पर भी चर्चा हुई कि कोई निजी स्कूल संचालक किसी विशेष दुकान से अभिभावकों को किताबें खरीदने को मजबूर करता हो तो उस पर क्या कार्रवाई हुई। इस पर अधिकारियों ने बताया कि उनके पास एक स्कूल संचालक के खिलाफ एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की किताबें लगवाने को लेकर शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर कमेटी का गठन कर विद्यालय में विद्यार्थियों के बैग की जांच की गई थी। इस दौरान पाया गया था कि विद्यार्थियों के पास एनसीईआरटी की किताबें थी। इसके अलावा प्रवेश उत्सव में छात्र संख्या को लेकर विचार विमर्श हुआ। वहीं पिछले सत्र की अपेक्षा अभी भी छात्र संख्या कम है। ऐसे में राजकीय स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान डीएसई ने कहा कि प्रदेश के कुछ जिलों में कुछ विद्यालय बिना मान्यता प्राप्त संचालित हैं, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत धारा 18 का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त यह भी संज्ञान में आया है कि कुछ शहरी क्षेत्रों में प्ले स्कूलों के नाम पर ऐसे संस्थान संचालित हो रहे हैं, जिनमें कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी नामांकित हैं। यह भी शिक्षा का अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है। कुछ गैर सरकारी संगठन और फाउंडेशन रेमेडियल क्लास के नाम पर नियमित विद्यालय समूह में पूर्णकालिक विद्यालय संचालित कर रहे हैं, जो पूर्णत: अवैध हैं। केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों को ही नियमित स्कूली शिक्षा देने की अनुमति है। इस पर अधिकारियों ने बताया कि जिले में अधिकारियों ने ऐसे 78 स्कूलों की सूची तैयार की गई थी, जिनके पास मान्यता नहीं है। अधिकारियों ने ऐसे स्कूल संचालकों को नोटिस भी भेजे हैं। बैठक में आरटीई के तहत जिन निजी स्कूलों ने अपने विद्यालय में नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी में 25 प्रतिशत सीट नहीं दिखाई है तो ऐसे स्कूलों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग के डीजीईई और डीएसई की अध्यक्षता में वीसी हुई थी। इसमें राजकीय स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने, गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों में दाखिले नहीं होने और निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की जगह अन्य किताब लगवाने के मामले को लेकर विचार विमर्श हुआ था। राजकीय स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने को लेकर प्रयास किए जाएंंगे।
डॉ. सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जींद।