जींद। एडिशनल सेशन जज अर्चना यादव की अदालत ने सामूहिक यौन उत्पीड़न के मामले में कापड़ो निवासी आरोपी अंकित को बरी कर दिया है। अदालत में पीड़िता अपने बयान से मुकर गई और बोली कि वह तीनों युवकों के साथ होटल में सहमति से गई थी।
30 जून 2021 में महिला पुलिस थाने में दर्ज मामले में शहर थाना क्षेत्र की महिला ने दीपक, अमित, मंगल और अन्य पर नौकरी का झांसा देकर होटल में बुलाकर यौन उत्पीड़न और धमकी देने के आरोप लगाए थे।
शिकायत के अनुसार, 30 जून 2021 को आरोपी अमित ने फोन कर महिला को ग्रेन मार्केट के पास स्थित होटल में नौकरी दिलाने के बहाने बुलाया, जहां पहले से ही तीन अज्ञात युवक मौजूद थे। इसके बाद तीनों ने उसका यौन उत्पीड़न किया। घटना के बारे में किसी को बताया पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में महिला ने अपने पति को घटना की जानकारी दी
उसने पति को बताया कि कुछ दिन पहले भी जब वह नौकरी के लिए दिल्ली जा रही थी तब दीपक, मंगल और अमित उसे रोहतक बस स्टैंड के पीछे स्थित एक होटल में ले गए। जहां दीपक और मंगल ने उसका यौन उत्पीड़न किया।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की और तीन आरोपियों को गिरफ्तार लिया था। जांच के दौरान रोहतक और जींद स्थित होटलों की सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में ली गई और अन्य साक्ष्य एकत्र किए गए।
इसके बाद जांच में सामने आया कि इस मामले में अजीत उर्फ जीतू और अंकित भी शामिल थे। बाद में आरोपी अजीत उर्फ जीतू की बीमारी के कारण मौत हो गई थी।
अब मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में पीड़िता अपने बयान से मुकर गई कि वह आरोपियों के साथ सहमति से गई थी और आपसी सहमति से संबंध बने थे। बयान के बाद अभियोजन पक्ष के आरोप कमजोर पड़े और अदालत ने अंकित को बरी कर दिया।