जींद। जिला प्रशासन ने मरीजों की सहूलियत के लिए नरवाना रोड बाईपास से मेडिकल कॉलेज तक सीधी कनेक्टिविटी के लिए एक अच्छा कदम उठाया है। इसको लेकर सीधी सड़क बनाई जाएगी जिससे मरीजों को मेडिकल कॉलेज आने के लिए शहर में नहीं घुसना पड़ेगा।
नरवाना और कैथल रोड पर बसे गांव से जुड़े लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रशासन ने प्रोपजल तैयार किया है। इसके लिए नरवाना रोड बाईपास से मेडिकल कॉलेज तक लगभग साढ़े तीन किमी लंबी सड़क बनाई जाएगी जो कि सीधा मेडिकल कॉलेज तक जुड़ेगी लेकिन इस सड़क के निर्माण को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच सहमति नहीं बन पाई है।
किसानों के अनुसार प्रशासन जमीन की राशि कम दे रहा है जबकि उनकी मांग ज्यादा है। ऐसे में अभी तक यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। फिलहाल प्रशासन प्रति एकड़ साढ़े चार करोड़ रुपये दे रहा है वहीं किसान आठ करोड़ प्रति एकड़ देने की मांग कर रहे हैं।
जब प्रशासन और किसानों के बीच राशि को लेकर सहमति बन जाएगी। उसके बाद ही सड़क का निर्माण शुरू हो पाएगा। हालांकि अभी इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा।
पहले रजबाहा की जमीन का था प्रोपजल
प्रशासन ने नरवाना रोड बाईपास से मेडिकल कॉलेज तक सड़क बनाने का प्रोपजल तैयार किया था। यह प्रपोजल जर्जर पड़े रजबाहे की जगह सड़क निकालने का था। इसको लेकर प्रशासन को मुआवजा वितरित करने की भी जरूरत नहीं थी लेकिन फिर रजबाहे की चौड़ाई कम होने के कारण सड़क चौड़ी नहीं बन सकती थी। फिर इस प्रपोजल को रद्द कर दिया गया। उसके बाद अब नया प्रोपजल तैयार किया है।
इन गांव के लोगों को होगा फायदा
नरवाना और कैथल रोड पर करीब 30 गांवों आते हैं। इनमें झांझ कलां, झांझ खुर्द, जुलानी, खटकड़, उचाना कलां, उचाना खुर्द, बरसोला, बड़ौदी, कंडेला, पेगां, शाहपुर, कैरखेड़ी, अमरहेड़ी, अहिरका समेत कई गांव के लोगों को इस सड़क का फायदा मिलेगा।
वर्जन
नरवाना रोड बाईपास से मेडिकल कॉलेज जींद तक सीधी सड़क बनाने का प्रोपजल तैयार किया है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। -सत्यवीर सिंह, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर जींद