जींद। लगभग 15 दिन से गोहाना रोड पर लघु सचिवालय से पिंडारा बाईपास तक स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। इसके कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को रात के समय हादसों का ज्यादा डर रहता है। रात के समय इस रोड पर गोवंश की संख्या भी ज्यादा हो जाती है जो अंधेरे में दिखाई नहीं देते। शहर में 12 हजार से ज्यादा स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। इनमें से एक चौथाई लाइटें खराब हैं।
एक माह पहले ही शहर की स्ट्रीट लाइट के रखरखाव के लिए 80 लाख रुपये के टेंडर लगाए गए थे। सितंबर के अंत तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होनी है। लाइटों का बेहतर तरीके से रख रखाव हो इसके लिए शहर को तीन जोन में बांटा गया था। प्रत्येक जोन में ठेकेदार की अपने अधीन आने वाली टूटी लाइटों को बदलवाना व खराब हुई लाइटों की रिपेयरिंग करवाने की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।
फिलहाल शहर में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। गोहाना रोड के अलावा रेलवे रोड के दुकानदार भी स्ट्रीट लाइटों की परेशानी को लेकर विरोध जता चुके हैं। रात को अंधेरे से गुजरने वाले पैदल यात्रियों को सड़क दुर्घटना या फिर चोरी की वारदात का डर रहता है।
इनमें किसी की वायर टूटी हुई तो कोई लाइट ही खराब है। इन लाइटों की रिपेयरिंग का काम संबंधित एजेंसियों का है लेकिन पुरानी एजेंसियों का टेंडर पूरा होने के कारण यह परेशानी बनी हुई है। इसके चलते नगर परिषद भी इनको ठीक करवाने की तरफ ध्यान नहीं दे रही।
इससे पहले भी लाइटें इन मुख्य मार्गों पर खराब हुई है। इनको सप्ताह भर में ही ठीक करवा दिया जाता था। बरसात के मौसम के चलते मच्छरों की भी भरमार हुई है। ऐसे में पशु मच्छरों से बचने के लिए मुख्य मार्गों पर आकर बैठ जाते हैं।
स्ट्रीट लाइटें बंद होने की वजह से यह पशु सड़क के बीच में बैठे दिखाई नहीं देते हैं। जिस कारण हादसे होने का भय बना रहता है। शहर के गोहाना रोड, रानी तालाब से सफीदों गेट, पुरानी सब्जी मंडी से पटियाला चौक, हांसी रोड ओवरब्रिज ऐसे स्थान हैं। जहां पर लाइटें खराब हुई हैं।
एक चौथाई लाइटें खराब होने से बढ़ी परेशानी
शहर में लगी एक चौथाई लाइटें खराब होने से लोगों को रात में परेशानी हो रही है। काॅलोनियों में भी अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। इनकी रिपेयरिंग करने का काम नगर परिषद का है। पुरानी एजेंसी का टेंडर समाप्त होने के बाद इनको नप ने एक बार भी ठीक नहीं करवाया।
वर्जन
खराब स्ट्रीट लाइटों को नगर परिषद जल्द ही ठीक करवाएगी। इसके अतिरिक्त आगामी वर्ष में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव के लिए शहर को तीन जोन में बांटकर टेंडर लगाए गए हैं। इसी माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद स्ट्रीट लाइटों की ठेकेदार खुद संभाल करेंगे। फिलहाल नगर परिषद इन लाइटों की जल्द ही रिपेयरिंग करवाएगी ताकि रात को राहगीरों के साथ कोई हादसा न हो। -डॉ. अनुराधा सैनी चेयरपर्सन नगर परिषद जींद