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Jind News: हांसी ब्रांच नहर पर बीड़ के पास बनेगा पंपिंग स्टेशन, छह गांवों को मिलेगा नहरी पानी

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26जेएनडी26: हांसी ब्रांच नहर जहां से छह गांवों में पेयजल की सप्लाई के लिए पंपिंग स्टेशन बनाया ज
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शहर से सटे छह गांवों में पेयजल व्यवस्था अब नहरी पानी से मजबूत होगी। जनस्वास्थ्य विभाग हांसी ब्रांच नहर पर बीड़ के पास पंपिंग स्टेशन बनाकर जलालपुर कलां, ईंटल कलां, ईंटल खुर्द, जाजवान, ढांडा खेड़ी और संगतपुरा तक नहरी पानी पहुंचाएगा। करीब 35 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 35 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा।
इन गांवों में अलग-अलग जलघर विकसित किए जाएंगे और पंपिंग स्टेशन से जलघरों तक पाइपलाइन बिछाई जाएगी। अभी तक इन गांवों में सबमर्सिबल व ट्यूबवेल के सहारे ही पेयजल व्यवस्था टिकी थी। जनस्वास्थ्य विभाग ने इस परियोजना पर काम शुरू कर दिया है और इसके लिए टेंडर जारी किया जा चुका है।
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परियोजना के तहत केवल नहर से पानी उठाकर गांवों तक पहुंचाने की व्यवस्था ही नहीं की जाएगी बल्कि पानी के भंडारण, शुद्धिकरण और नियमित सप्लाई के लिए पूरा ढांचा विकसित किया जाएगा। इससे गांवों की पेयजल व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत करने में मदद मिलेगी।
नहर से जलघर तक पहुंचेगा पानी
हांसी ब्रांच नहर पर बीड़ के पास बनने वाले पंपिंग स्टेशन से पानी उठाकर पाइपलाइन के माध्यम से छह गांवों के जलघरों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद संबंधित जलघर से गांवों में पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। परियोजना में पाइपलाइन और राइजिंग मेन के लिए करीब 19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे नहर से उठाए गए पानी को गांवों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक नेटवर्क तैयार होगा। अभी इन गांवों में पेयजल जरूरतों के लिए उपलब्ध स्रोतों पर निर्भरता रहती है। नहरी पानी की लंबे समय से मांग की जा रही थी। परियोजना के पूरा होने के बाद गांवों को पेयजल का एक अतिरिक्त और व्यवस्थित स्रोत उपलब्ध होगा।

जलघरों के साथ शुद्धिकरण की भी व्यवस्था
परियोजना में गांवों में नए जलघर बनाने के साथ पंपिंग स्टेशन से संबंधित अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। करीब 14 करोड़ रुपये से जलघर और पंपिंग स्टेशन के निर्माण का कार्य किया जाएगा। वहीं पंपिंग स्टेशन पर बिजली की स्थायी व्यवस्था के लिए करीब 90 लाख रुपये से सोलर सिस्टम की व्यवस्था की जाएगी। पानी को उपयोग योग्य बनाने के लिए गैस और क्लोरीनेशन व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इस पर करीब 1 करोड़ 43 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे पानी की सप्लाई के साथ उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जरूरी व्यवस्था उपलब्ध हो सकेगी।
ट्यूबवेल पर निर्भरता होगी कम
अभी छहों गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए सबमर्सिबल और ट्यूबवेल पर निर्भरता है। गर्मी के मौसम में पानी की मांग बढ़ने पर इन स्रोतों पर दबाव बढ़ जाता है। नहरी पानी उपलब्ध होने से पेयजल का एक अतिरिक्त और व्यवस्थित स्रोत मिलेगा। साथ ही भविष्य में आबादी बढ़ने पर पेयजल व्यवस्था के विस्तार का आधार भी तैयार होगा।
वर्षों पुरानी मांग को मिलेगा आधार
शहर के आसपास बसे इन गांवों में नहरी पानी पहुंचाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। अब परियोजना के तहत पंपिंग स्टेशन, पाइपलाइन, जलघर, सोलर बिजली और शुद्धिकरण व्यवस्था को एक साथ विकसित किया जा रहा है। विभाग की ओर से टेंडर जारी होने के बाद निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
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वर्जन
जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से अब निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। परियोजना के पूरा होने पर जलालपुर कलां, ईंटल कलां, ईंटल खुर्द, जाजवान, ढांडा खेड़ी और संगतपुरा के ग्रामीणों को नहरी पानी की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति पर बढ़ने वाले दबाव को कम करने और गांवों में नियमित जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। -भानू प्रकाश, एक्सईएन जनस्वास्थ्य विभाग जींद।
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