नरवाना। शहर के गांधी नगर स्थित ढाणी क्षेत्र में शनिवार सुबह एक मकान की जर्जर छत गिर गई। मलबे में दबने से मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। छत की मरम्मत करवाने के लिए महिला का पति आशीष सामान लेने गया हुआ था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।
शनिवार सुबह आशीष की पत्नी 27 वर्षीय उषा अपनी छोटी बेटी दो वर्षीय मायरा को कमरे में दूध पिला रही थी। सुबह करीब आठ बजे आशीष काम के लिए घर से निकला था। घर से निकलते समय उसने अपने साथियों को बताया था कि वह आज मकान की छत पक्की करवाने की तैयारी कर रहा है और इसी सिलसिले में सामान लेने जा रहा है। तभी आशीष को फोन पर सूचना मिली कि उसके मकान की छत गिर गई है।
खबर सुनते ही वह बदहवास हालत में घर पहुंचा, जहां उसने देखा कि कमरे की छत गिरने से उसकी पत्नी उषा और छोटी बेटी मलबे के नीचे दबी हुई थी। पड़ोसी मलबा हटाने में जुटे हुए थे। आशीष ने घबराकर अपनी दूसरी बेटी राधिका और मानवी के बारे में पूछा, तब पता चला कि उसकी मां वीना हादसे से महज पांच मिनट पहले ही दोनों बच्चियों को स्कूल छोड़ने के लिए घर से निकली थीं।
मलबे से उषा और मायरा को निकालकर तुरंत नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। नागरिक अस्पताल में कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने पीड़ित परिवार से मिले और ढांढस बंधाया। उन्होंने पीड़ित परिवार को हरसंभव आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया।
पुलिस ने नागरिक अस्पताल में मां-बेटी के शवों का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिए।
पुलिस को सूचना मिली थी कि गांधीनगर में मकान की छत गिर गई है। इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। इस हादसे में महिला और एक बच्ची की मौत हो गई है। दोनों के शवों का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया है।
- आत्माराम, प्रभारी, शहर थाना पुलिस नरवाना
31जेएनडी39-छत गिरने के बाद कमरे में पड़ा मलबा। संवाद
31जेएनडी39-छत गिरने के बाद कमरे में पड़ा मलबा। संवाद