17जेएनडी23: पशुओं की गणना के लिए पहुंचे विभाग के कर्मचारी। संवाद
जींद। जिले में पशुओं की गणना के लिए काम पशुपालन विभाग ने टीम का गठन किया है। इसमें जिले के हर गांव में जाकर पशुओं की गणना करनी होगी। योजना को निर्धारित समयावधि में पूरी करने के लिए 90 पशुगणक और 21 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं।
पशुपालन विभाग की तरफ से 21वें पशुधन गणना अभियान की शुरुआत की गई है। इस गणना में पशुधन की सभी प्रजातियाें गाय, भैंस, भेड़, बकरी, सुअर, ऊंट, घोड़ा के अलावा पोल्ट्री पक्षियों की गिनती भी शामिल हैं। यह पशुधन गणना पशुपालन से जुड़े नागरिकों के पास उपलब्ध डेयरी उपकरणों की विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध करवाएगी। हर पांच साल के अंतराल में पशुधन गणना का कार्य किया जाता है। पशुओं की दूध उत्पादकता को विकसित देशों के उन्नत पशुओं के स्तर तक ले जाने लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में अब फिर से सरकार ने पशुगणना का कार्य शुरू करवाया है। पिछली बार की गई गणना के आधार पर जिले में साढ़े पांच लाख पशु थे।
पशुपालन विभाग ने पशुओं की गणना के लिए काम शुरू कर दिया है। इसमें 90 पशुगणक और 20 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। घर-घर जाकर विभिन्न पशुओं की जानकारी ली जाएगी।
डॉ. रविंद्र हुड्डा, उपनिदेशक पशुपालन विभाग जींद