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आठवीं पास महिला करती थी गर्भपात, दवा और घर का कमरा सील

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हकीकत नगर में कमलेश के घर में जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - फोटो : Jind
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गोहाना रोड स्थित नवजीवन अस्पताल में छापेमार के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार शाम को पटियाला चौक स्थित हकीकत नगर में कमलेश नामक महिला के घर में छापा मारा। यहां से स्वास्थ्य विभाग की टीम को गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली कई प्रतिबंधित दवाएं और औजार मिले। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी दवाइयों को कमरे में रखकर उसे सील कर दिया है।
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शनिवार को ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में कमरे को खोला जाएगा और महिला के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी जाएगी। इस शिकायत के आधार पर महिला के खिलाफ कई धाराओं के तहत मामला दर्ज होगा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच कर रहा है।
जानकारी के लिए डिप्टी सिविल सर्जन एवं पीएनडीटी एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. प्रभुदयाल ने एक दुराचार पीड़ित नाबालिग लड़की का गर्भपात करने के मामले में तीन दिन पहले गोहाना रोड स्थित नवजीवन अस्पताल में छापा मारा था। अस्पताल का संचालक नरेश भारद्वाज स्वास्थ्य विभाग की टीम को देखते ही फरार हो गया था। स्वास्थ्य विभाग की टीम की जांच में सामने आया था कि इस अस्पताल में पीड़ित नाबालिग का गर्भपात किया गया है। इससे पहले पीड़ित ने हकीकत नगर निवासी महिला कमलेश से गर्भपात की गोली ली थी, जिससे उसका गर्भपात नहीं हुआ था। कमलेश का नाम सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार दोपहर बाद कमलेश के घर छापा मारा। यहां लगभग तीन घंटे तक स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई चलती रही।
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आठवीं पास महिला कर रही थी कई वर्षों से काम
जिस कमलेश के घर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा है वह आठवीं पास है। हकीकत नगर में वह घर पर ही कई वर्षों से डिलीवरी तथा गर्भपात का काम कर रही है। महिला ने अपने प्रचार के लिए पर्चे छपवाकर रखे हैं। इनमें वह विभिन्न प्रकार की दवाई देने की बात कहती है। डॉ. प्रभुदयाल के अनुसार बिना डिग्री कोई भी डिलीवरी नहीं करवा सकता। यह पूरी तरह से गलत है।
कई प्रतिबंधित दवाइयां मिलीं
डॉ. प्रभुदयाल के अनुसार कमलेश के मकान से गर्भपात के लिए दी जाने वाली एमटीपी किट का एक बॉक्स, दवा, कई गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले औजार मिले हैं। इससे साफ है कि इस मकान में गर्भपात का कार्य भी किया जाता था।
पुलिस को दी जाएगी शिकायत
फिलहाल ड्रग इंस्पेक्टर टीम में शामिल नहीं थे, इसलिए मकान के जिस कमरे में प्रतिबंधित सामान मिला, उसे सील कर दिया गया है। शनिवार को ड्रग इंस्पेक्टर की मौजूदगी में कमरे को खोलकर जांच की जाएगी। उसके बाद पुलिस को शिकायत देकर कमलेश के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा। फिलहाल विभाग की जांच जारी है। इस प्रकार के जो अवैध क्लीनिक चल रहे हैं, उनको किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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-डॉ. प्रभुदयाल, नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सिविल सर्जन।

जींद के हकीकत नगर में कमलेश के घर में जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम।- फोटो : Jind

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