रैली में उमड़ी भीड़ से चरमराई यातायात व्यवस्था, शहर में लगे रहे जाम
अमर उजाला ब्यूरो
जींद। शहर के बाहर से गुजरने वाले बाईपास के पास पिंडारा गांव में हुई जननायक जनता पार्टी की रैली में उमड़ी भीड़ के कारण शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। जिसकी वजह से जगह-जगह जाम लग गए। इससे लोगों को खासी परेशानी होने के साथ दुकानदारों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सुबह नौ बजे लोग रैली में आने शुरू हुए और तीन बजे तक आते रहे। रैली स्थल के पास से गुजरने वाले बाईपास के दोनों तरफ लोगों तथा वाहनों का भारी जमावड़ा रहा। जाम की स्थिति ऐसी थी कि हजारों लोग रैली स्थल तक ही नहीं पहुंच पाये। रैली में जननायक जनता पार्टी के वॉलंयिटरों ने जाम न लगे, इसके लिए पुख्ता इंतजाम पहले से ही किए हुए थे। शहर के सभी चौक चौराहों पर वॉलंटियर सुबह आठ बजे ही तैनात हो गए थे। इसके साथ यातायात पुलिस ने भी व्यवस्था बनाने में खूब पसीना बहाया, लेकिन हजारों की संख्या में आए वाहनों के कारण वॉलंटियर और यातायात पुलिस के सभी प्रबंध कम पड़ गए। इस दौरान नरवाना रोड, हांसी रोड, भिवानी रोड, रोहतक रोड, सफीदों रोड और गोहाना रोड पर लंबा जाम लगा रहा। शहर से कई किलोमीटर दूर तक आने वाले वाहनों का जाम लगा रहा। जाम के कारण रैली में आने वाले हजारों लोगों को दो से तीन किलोमीटर पैदल चलकर आना पड़ा। जाम के कारण ही रैली के मुख्य वक्ता और सांसद दुष्यंत चौटाला को भी लगभग ढाई किलोमीटर दूर हेलीपैड से पैदल आना पड़ा।
दोपहर तक रैली पर बना रहा संशय
रैली में दोपहर एक बजे तक अच्छी भीड़ नहीं जमी। इस दौरान लोगों में रैली को लेकर भीड़ जुटने पर भी संशय बना रहा। मंच पर नैना चौटाला के पहुंचने के बाद ही लगभग दो बजे भीड़ ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया। इसके बाद रैली स्थल पर दुष्यंत समर्थकों का हुजूम उमड़ा।
सांसद दुष्यंत चौटाला के भाषण के समय बेकाबू हुई भीड़
सांसद दुष्यंत चौटाला के भाषण के समय युवाओं की भीड़ बेकाबू हुई। इस भीड़ ने रैली स्थल पर किए गए पुख्ता इंतजामों को लांघ कर दुष्यंत के भाषण को सुना। इस दौरान सभी बेरिकेड और वॉलंटियर पंडाल से गायब नजर आए और इसमें एक भारी भीड़ सांसद दुष्यंत को सुनने के लिए उमड़ पड़ी।
पंडाल पड़ा छोटा पहली बार पंडाल के कार्नर से उतरवाए पर्दे
समस्त हरियाणा सम्मेलन में दुष्यंत चौटाला के भाषण को सुनने के लिए लोगों की इतनी भीड़ बढ़ इकट्ठा हो गई कि सभी पुख्ता प्रबंध फेल हो गए। इस दौरान पंडाल के एक तरफ लगाए गए पर्दों को हटवाना पड़ा।