अलीपुरा गांव में आयुष्मान भारत के कार्ड बनवाते हुए लोग।
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आयुष्मान भारत कार्ड बनवाने को लेकर पात्र लोगों द्वारा रुचि नहीं दिखाई जा रही है। 22 सितंबर 2018 से उचाना ब्लॉक में यह कार्ड बनाने का काम नागरिक अस्पताल में शुरू हुआ था। अब भी उचाना ब्लॉक में 16 हजार से अधिक परिवारों के 80 हजार सदस्यों ने आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाए हैं। इन सभी परिवारों के पास स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की तरफ से आयुष्मान भारत के कार्ड बनवाने के लिए पत्र भी पहुंच चुके हैं। इसके बावजूद भी यह लोग इन कार्डों को बनवाने के लिए आगे नहीं आ रहे। इस कार्ड के तहत बीमार होने पर पांच लाख रुपये तक का उपचार मुफ्त में होता है। सरकारी अस्पताल में तो उपचार मुफ्त होता ही है साथ में कई प्राइवेट अस्पतालों को भी सरकार ने इस योजना के तहत जोड़ा गया है।
नागरिक अस्पताल के डॉ. राजेश मित्तल ने कहा कि नागरिक अस्पताल के अलावा अब पीएचसी केंद्रों, ब्लॉक के बड़े गांवों में यह कार्ड बन रहे हैं। गांव स्तर आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं। जिसके पास आयुष्मान भारत का कार्ड बनवाने के लिए पत्र आया है वो यह कार्ड बनवा ले। पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य उपचार मुफ्त होने के बाद भी कार्ड बनवाने के लिए लोगों में रुचि कम है।
पंचायत प्रतिनिधि भी करें जागरूक
डॉ. मित्तल ने कहा कि गांवों में पंचायत प्रतिनिधियों को चाहिए कि वह अपने-अपने गांव में मुनादी करवा कर जिनके पास आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए पत्र आया है उनको कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करें। इस कार्ड का बहुत फायदा है, क्योंकि परिवार का कोई भी सदस्य बीमार होता है तो उसका पांच लाख रुपये तक का उपचार मुफ्त में होता है। हर सदस्य का अलग-अलग कार्ड बनेगा।
बेहतर योजना नागरिक उठाए लाभ
नागरिक अस्पताल में उचाना ब्लॉक आयुष्मान मित्र अजमेर ने बताया कि लोगों में जागरूकता का अभाव नजर आ रहा है। इतनी बेहतर योजना है जिसका फायदा लोगों को उठाना चाहिए। कभी भी कोई बीमार हो सकता है। इसलिए जिनके पास पीएमजेएवाई (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) के तहत पत्र आया हुआ है वह अपना आयुष्मान भारत कार्ड जरूर बनवाए।