बैठक में मौजूद जिलेभर के सीबीएसई स्कूलों के प्राचार्य।
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जींद। सीबीएसई के 10वीं और 12वीं की प्रथम चरण की परीक्षा के लिए तैयारियां तेज हैं। इसके लिए अर्बन इस्टेट स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में जिले के सभी सीबीएसई स्कूलों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला कोऑर्डिनेटर डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी ने बताया कि परीक्षा के समुचित संचालन के लिए जिलेभर में 18 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जो पिछले वर्ष से दो गुना ज्यादा हैं।
उन्होंने बताया कि इसमें यह ध्यान रखा गया है कि बच्चे को ज्यादा दूर नहीं जाना पड़े इसलिए उसके निकट के स्कूल में ही उसका केंद्र बनाया गया है। जिले में सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूलों की संख्या 67 है, जिसमें छह सरकारी स्कूलों का समावेश भी किया गया है। स्कूल में बनाए गए सेंटर पर ही बच्चों की परीक्षा ली जाएगी और उसी स्थान पर परीक्षा का मूल्यांकन किया जाएगा। परीक्षा में वैकल्पिक टाइप प्रश्न पत्र आएगा, जिसमें बच्चे को चार ऑप्शन दिए जाएंगे। इसमें वह ठीक उत्तर पर निशान लगाएगा। प्रत्येक केंद्र में एक ऑब्जर्वर की नियुक्ति की जाएगी। इन परीक्षाओं का समस्त संचालन सीबीएसई की देखरेख में जिला स्तर पर जिला कोऑर्डिनेटर द्वारा किया जाएगा। डॉ. विद्यार्थी ने कहा कि जिला स्तर पर सभी स्कूलों के अध्यापकों को प्रशिक्षित करने के लिए रीटा अरोड़ा को जिला ट्रेनिंग अधिकारी बनाया गया है, ताकि सभी स्कूल के अध्यापक अपडेट हो सकें और नई शिक्षा प्रणाली को सीख सकें। रीटा अरोड़ा ने कहा कि सभी सीबीएसई स्कूलों के प्राचार्य कोई भी ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं छोड़ें। सभी ट्रेनिंग प्रोग्राम ऑनलाइन करवाए जा रहे हैं। उन्होंने सीबीएसई द्वारा जारी सूचना एप के बारे में विस्तार से जानकारी दी। शिक्षा का राष्ट्रीय सर्वे करने के लिए हैप्पी स्कूल की प्राचार्य गुरविंद्र कौर को जिला अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिए गए हैं, जिनकी संख्या 183 है। 11 नवंबर को सभी की ट्रेनिंग का प्रबंध किया जाएगा, जिसमें सभी का भाग लेना अनिवार्य होगा। राष्ट्रीय सर्वेक्षण के लिए डॉ. धर्मदेव विद्यार्थी को मुख्य कस्टोडियन बनाया गया है।