जींद। अंतरजातीय विवाह योजना के तहत जिले में 73 नवविवाहित जोड़ों को लाभ मिला है। इन नवदंपती को 2.5 लाख रुपये के हिसाब से राशि मिली है। जिला कल्याण विभाग कार्यालय में वर्ष 2025 में एक करोड़ 82 लाख रुपये का बजट जारी हुआ था, जिसमें से विभाग ने 73 नवदंपतियों को योजना का लाभ दे दिया है।
देश और प्रदेश में समानता का अधिकार देने और सामाजिक भेदभाव को समाप्त करने के लिए मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना चलाई जा रही है।
यह योजना लोगों को सामाजिक सुरक्षा के साथ ही आर्थिक मदद भी देती है। इस योजना के तहत शादी के बाद नवविवाहित जोड़े को दो लाख 50 हजार की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जाती है, जिनमें से एक लाख 25 हजार रुपये संयुक्त बैंक खाता में और एक लाख 25 हजार रुपये की तीन वर्ष की एफडी यानि फिक्स्ड डिपॉजिट उनके नाम करवाई जाती है। विवाह के लिए आवेदन करने वाले जोड़े में लड़का या लड़की हरियाणा का स्थाई निवासी होना आवश्यक है।
इस योजना के तहत लाभ सिर्फ उस जोड़े या दंपती को मिलेगा, जिनमें दूल्हा या दुल्हन अनुसूचित जाति से संबंध रखता हो और दूसरा सामान्य जाति का होगा।
वर्ष 2023-24 में मिला था 90 लाख बजट
जिला कल्याण विभाग कार्यालय को वर्ष 2023-24 में 90 लाख रुपये का बजट मिला था। विभाग ने इस बजट के तहत 36 नव दंपतियों को योजना का लाभ दे दिया था। हालांकि इससे पहले 23 मामले बजट के अभाव में अटके हुए थे वहीं 9 मामलों की जांच चल रही थी। इसके बाद बजट आने के बाद इन 32 लाभ पात्रों को योजना का लाभ दे दिया था।
जिला कल्याण विभाग ने योजना के तहत 73 नव दंपतियों को योजना का लाभ दे दिया है। विभाग के पास वर्ष 2024-25 में एक करोड़ 82 लाख 50 रुपये बजट आया था, जिसमें से 73 लाभ पात्रों को राशि जारी की गई है।
-नरेंद्र सिंह, जिला कल्याण विभाग अधिकारी, जींद