जींद। डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने रविवार को नागरिक अस्पताल से अपनी बेटी को पोलियोरोधी दवा की ड्रॉप्स पिलाकर सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। जिले में एक लाख 39 हजार 353 बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एक लाख 231 बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई। पहले ही दिन स्वास्थ्य विभाग ने अपना 71.92 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया। अब सोमवार व मंगलवार को शेष बचे बच्चों को यह दवा पिलाई जाएगी।
डीसी ने कहा कि पांच साल तक के सभी बच्चों को पोलियोरोधी ड्रॉप्स पिलाकर अपने बच्चों को इस भयानक बीमारी से बचाना चाहिए। आज भी बहुत से लोग इस बीमारी के कारण दिव्यांगता में जी रहे हैं। भारत में अब नया कोई भी केस नहीं आ रहा है, लेकिन हमें सतर्कता जरूर बरतनी चाहिए। भविष्य में कोई भी बच्चा पोलियो के कारण दिव्यांग नहीं हो, इसके लिए हमें अपने हर पांच साल तक के बच्चे को यह दवा पिलानी चाहिए।
सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल ने लोगों से अपील की कि कोई भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए। यदि एक भी बच्चा छूट गया तो इस बीमारी को हम दोबारा न्योता दे देंगे। इस अवसर पर डॉ. नवनीत कुमार, डॉ. अनिल कौशिक, स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा, बिमला देवी, रामकुमार, अमरजीत, दिनेश कुमार, गुरनाम, ओमप्रकाश, जगदीप, आरिफ मोहम्मद, संजय जुलानी व अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
91.92 प्रतिशत बच्चों को पिलाई दवा
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. पालेराम कटारिया ने बताया कि जिले के एक लाख 39 हजार 353 बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई जानी है। इसके लिए 805 बूथ, 67 मोबाइल टीम बनाई गई है। 193 सुपरवाइजर लगातार निगरानी कर रहे हैं। पहले दिन एक लाख 231 बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाई गई है। सोमवार व मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बच्चों को यह दवा पिलाएंगी।