जींद। मानसून की दस्तक के साथ जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा रही है लेकिन जिले के अधिकांश सरकारी स्कूलों में अभी भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का अभाव है। 725 सरकारी स्कूलों में से केवल 219 में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम उपलब्ध हैं, जबकि करीब 70 प्रतिशत स्कूलों में बारिश के पानी के संरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। हर वर्ष लाखों लीटर बरसाती पानी बिना उपयोग के बह जाता है और जिले का भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है।
725 में से केवल 180 स्कूलों में सिंचाई विभाग की ओर से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग ने अपने स्तर पर अब तक 39 स्कूलों में यह व्यवस्था करवाई है। शिक्षा विभाग ने पिछले वर्ष 25 स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की मांग निदेशालय को भेजी थी लेकिन वहां से अभी तक कोई जवाब नहीं आया है।
शहरवासी सुमेर, जुगलकिशोर, सुरेश कुमार, सुनील वशिष्ठ और राजाराम का कहना है कि लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए प्रत्येक सरकारी भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य होना चाहिए। स्कूलों में इस व्यवस्था के विस्तार से हर वर्ष लाखों लीटर पानी का संरक्षण किया जा सकता है। इससे भविष्य में पेयजल संकट कम होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
31 मीटर नीचे जा चुका है भूजल
जिले का भूजल स्तर 31 मीटर तक नीचे जा चुका है। इसमें सुधार लाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विभागों को आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी स्कूलों के भवन और परिसर काफी बड़े होते हैं। ऐसे में बरसात के मौसम में स्कूलों की छतों और परिसरों में काफी पानी एकत्रित हो जाता है। इस पानी को जमीन के भीतर पहुंचाकर भूजल स्तर में सुधार किया जा सकता है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की व्यापक व्यवस्था नहीं होने के कारण अच्छी बरसात के बावजूद भूजल स्तर हर वर्ष नीचे जा रहा है।
शहर में लगे हैं 39 हार्वेस्टिंग सिस्टम
वहीं नगर परिषद ने शहर के सरकारी भवनों में भी 39 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए हैं। इनमें से अधिकांश ग्रीन बेल्ट और सेक्टरों के पार्कों में स्थापित हैं। रखरखाव के अभाव में इनमें से अधिकांश सिस्टम ठप पड़े हैं। पार्कों में लगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में मिट्टी भर चुकी है, जिसके चलते बरसात के मौसम में यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकेगी। हालांकि नगर परिषद इसको लेकर गंभीर है, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं किया गया है।
वर्जन
शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में 39 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके अलावा 180 सिस्टम सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गए हैं। पिछले वर्ष शिक्षा विभाग ने 25 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की मांग निदेशालय को भेजी थी, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।
-मुकेश सिंधु, एसडीओ, डीपीसी, जींद