सीएम से अंडरपास रद्द करने की मांग पर निरीक्षण करने पहुंचे तहसीलदार
अमर उजाला ब्यूरो
उचाना। लितानी रोड पर फाटक नंबर 126सी पर बनने वाले अंडर पास को रद्द करने की मांग लितानी रोड के दुकानदारों ने की। बीते दिनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल से जींद में अंडरपास को रद्द करने की मांग दुकानदारों ने की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया था कि अंडरपास बनने से 500 लोगों का काम प्रभावित होगा। मुख्यमंत्री ने डीसी अमित खत्री को दुकानदारों की मांग पर उचाना में लितानी रोड पर बनने वाले अंडरपास निर्माण को लेकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे। मंगलवार को लितानी रोड फाटक पर नायब तहसीलदार महाबीर सिंह पहुंचे। इस दौरान दुकानदारों ने अंडरपास रद्द करने की मांग की। फाटक के पास नरवाना, जींद की तरफ अंडरपास बनाने की मांग की ताकि दुकानदारों का रोजगार बच सकें। महाबीर सिंह ने दुकानदारों को बुधवार को रेलवे विभाग के कर्मचारियों के साथ पहुंच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने की बात कही।
दुकानदार ओमप्रकाश गुप्ता, रामफल, शकुन चंद, राजबीर मोर, बारूराम, जिले राणा, धर्मपाल, राजेश श्योकंद ने कहा कि लितानी रोड पर फाटक पर जो अंडर पास रेलवे बनाने जा रहा है उससे 500 से अधिक दुकानदार बेरोजगार हो जाएंगे। रेलवे फाटक के पास जो रेलवे की जमीन है उससे अंडर पास का निर्माण यू आकार में करवाए ताकि यहां पर दुकानदारों का रोजगार बच सकें। सरकार को चाहिए कि वो दुकानदारों का रोजगार बचाने का काम करें। लितानी रोड पर अगर अंडर पास बनता है तो इससे दुकानदार बेरोजगार हो जाएंगे। दुकानदार अपने परिवारों का पालन-पोषण नहीं कर पाएंगे। इसलिए जन भावनाओं को देखते हुए इस अंडर पास को रद्द करते हुए फाटक से कुछ दूरी पर नरवाना, जींद की तरफ अंडर पास बनाने का काम करें।
बंद फाटक को खुलवाने की मांग
दुकानदारों ने कहा कि अंडरपास निर्माण को लेकर कई दिनों से रेलवे फाटक बंद है। यह सबसे प्रमुख रोड हिसार की तरफ जाने के लिए है। ऐसे में फाटक बंद होने से लोग परेशान हैं। यहां से कुछ दूरी पर फाटक नंबर 125सी पर अंडरपास बन चुका है। ऐसे में रेलवे को चाहिए कि इस बंद फाटक को खोला जाए। यहां पर जो अंडरपास का निर्माण करना है उसको रद्द करके फाटक के आस-पास जो जमीन रेलवे की है उसमें अंडरपास का निर्माण करवा कर लोगों के रोजगार को बचाने का काम किया जाए। अपने रोजगार को बचाने के लिए दुकानदार हर तरह का संघर्ष करने को तैयार है।