जींद। नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल 55 गंभीर कोरोना पॉजिटिव मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इसके अलावा नागरिक अस्पताल में रोहतक पीजीआई से रेफर होकर आए दो गंभीर मरीजों ने भी कोरोना को मात दे दी है। कोविड मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन वरदान साबित हो रहा है। नागरिक अस्पताल के एसएमओ ने बताया कि कोरोना आइसोलेशन वार्ड में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो एक बड़े अस्पताल में होनी चाहिए। पहले बाजार से 50 हजार रुपये के रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदे थे। इसके बाद यह इंजेक्शन स्वास्थ्य मुख्यालय से मिलने लग गए। अब अस्पताल में इस इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है।
जिले में अप्रैल में पहला कोरोना संक्रमित मरीज मिला था। उस समय मरीजों को रोहतक पीजीआई रेफर करना पड़ता था। धीरे-धीरे कोरोना पॉजिटिव मरीजों को नागरिक अस्पताल में ही दाखिल करना शुरू कर दिया और यह मरीज ठीक होने लगे। इस समय यहां वेंटिलेटर, हवा से ऑक्सीजन बनाने की मशीन, रेमडेसिविर इंजेक्शन, बाईपेप, सीपेप और हाईफ्लो नेजल केनुला की सुविधा भी उपलब्ध है। कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति को निमोनिया की शिकायत जल्दी हो जाती है। इस कारण भी काफी लोगों की जान गई। जिस मरीज को निमोनिया की शिकायत हो जाती है, उसमें रेमडेसिविर इंजेक्शन वरदान साबित हो रहा है। ऐसे 55 मरीज नागरिक अस्पताल से ठीक होकर जा चुके हैं, जिनको निमोनिाया की शिकायत हुई। इस इंजेक्शन की छह डोज एक मरीज को देनी पड़ती हैं। शुरुआत में नागरिक अस्पताल प्रशासन ने रेमडेसिविर इंजेक्शन को बाजार से खरीदा। एक इंजेक्शन की बाजार में कीमत चार हजार रुपये है। अब यह स्वास्थ्य निदेशालय से अस्पताल प्रशासन को मिल रहे हैं।
रोहतक से आए दो मरीज
रोहतक पीजीआई से रोहतक निवासी 23 वर्षीय अनिल 27 अक्तूबर को आया था। अनिल की रिपोर्ट 22 अक्तूबर को पॉजिटिव आई। इसके बाद वह पीजीआई रोहतक में दाखिल हुआ। 27 अक्तूबर को अनिल को जींद के नागरिक अस्पताल में लाया गया। अनिल को भी निमोनिया की शिकायत थी। इसके बाद अनिल को दो अक्तूबर को निगेटिव आने के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इसी प्रकार एक बुजुर्ग भी रोहतक पीजीआई से 28 अक्तूबर को जींद के नागरिक अस्पताल में दाखिल हुआ था। अब यह बुजुर्ग भी यहां से ठीक होकर छुट्टी ले चुका है।
पहले बाजार से 50 हजार रुपये के रेमडेसिविर इंजेक्शन खरीदे थे। इसके बाद यह इंजेक्शन स्वास्थ्य मुख्यालय से मिलने लग गए। अब अस्पताल में इस इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। दो पॉजिटिव लोग अस्पताल में दाखिल हुए थे। उन्होंने भी कुछ रेमडेसिविर इंजेक्शन अस्पताल को दान किए थे।
- डॉ. गोपालऱ् गोयल, एसएमओ, नागरिक अस्पताल।