कोर्ट ने सुनाया आदेश (सांकेतिक तस्वीर)
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तीन साल पहले उचाना थाना के अंतर्गत आने वाले भगवानपुरा गांव में हुई युवक की हत्या के मामले में अदालत ने पांच दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है। सभी दोषियों को दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा। जुर्माना नहीं भरने पर दो माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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अभियोजन के अनुसार 25 मई 2016 को पुलिस को दिए बयान में भगवानुपरा गांव निवासी छबील दास ने कहा था कि गांव में ही उसने परचून की दुकान की हुई है। 24 मई की रात वह अपनी मौसी के लड़के राजेश के साथ घर के बाहर चबूतरे पर सो रहा था। रात 11 बजे गांव का ही संदीप व जसमेर वहां आए और राजेश को शीलू के घर ले गए।
छबीलदास के अनुसार कुछ देर बाद उसके भाई राजेश की चीख पुकार सुनी तो वह भागकर शीलू के घर गया। यहां सतबीर और काला राजेश की टांगे पकड़े हुए थे और संदीप राजेश के ऊपर बैठा था।
छबीलदास के अनुसार जसमेर राजेश का गला दबा रहा था और राममेहर और प्रीतम राजेश को लात-घूसे मार रहे थे। इस पर जब उसने शोर मचाया तो परिवार के अन्य सदस्य भी वहां आ गए। ऐसे में सभी आरोपी मौके से भाग गए। इसके बाद राजेश को नरवाना के नागरिक अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। अब अदालत ने संदीप, जसमेर, राममेहर, प्रीतम और प्रदीप को सात-सात साल कैद व दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।