रक्षाबंधन वाले दिन चंडीगढ़ के सेक्टर-22 में मारी गई दोनों बहनों का शनिवार सुबह 8 बजे गांव बल्लूआना में बेहद गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों बहनों मनप्रीत कौर व रजवंत के अंतिम संस्कार की तैयारियां तो शुक्रवार को ही कर ली गई थीं, लेकिन चंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई में हुई देरी के कारण दोनों बहनों के शव देर रात करीब डेढ़ बजे गांव पहुंचे।
सुबह करीब 8 बजे दोनों शव यात्राएं उनके निवास स्थान से शमशान भूमि के लिए रवाना हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष व उनके रिश्तेदार शामिल हुए। मृतक बहनों के भाई हरप्रीत सिंह भट्टी ने दोनों को मुखाग्नि दी। इसके बाद सभी लोगों ने सजल नेत्रों से दोनों बहनों को अंतिम विदाई दी। मूल रूप से गांव बल्लूआना निवासी मास्टर सिकंदर सिंह की दो बेटियां राजवंत कौर व मनप्रीत कौर जीरकपुर स्थित एक फैक्टरी में काम करती थीं।
दोनों चंडीगढ़ के सेक्टर 22 के मकान नंबर 2598 में पिछले 4 सालों से बतौर पीजी रहती थी। 15 अगस्त को सुबह करीब 5 बजे मनप्रीत कौर के ही प्रेमी ने दोनों बहनों की हत्या कर दी। जिसे पुलिस ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया।