जींद। रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए चालक व परिचालकों के स्वास्थ्य की जांच के लिए शिविर लगाया। इसमें 54 कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच करवाई गई। जिसमें 20 को बीपी और 22 का शुगर अधिक मिला। दो की आंख और तीन के कान में तकलीफ मिली।
चालक और परिचालक को अलग-अलग समय सारिणी के हिसाब से ड्यूटी देनी पड़ती है। इस कारण उनकी नींद पूरी नहीं हो पाती। इसके चलते उनके खान-पान पर भी असर पड़ता है। ड्यूटी के दौरान खाना खाने के लिए समय नहीं मिलने पर चाय या फास्ट फूड खाने पर भी स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। इसके अलावा चालक व परिचालकों के लंबे सफर पर लगातार बैठे रहने से वह बीमार हो रहे हैं। कार्यशाला परिसर में रोडवेज कर्मचारियों के स्वास्थ्य जांच के लिए डॉ. श्राफ चैरिटी आई अस्पताल व आयशर ड्राइवर केयर कार्यक्रम के तहत शिविर लगाया गया था। इसमें डॉ. पुष्पेंद्र व कोआर्डिनेटर मुकेश की टीम ने इन कर्मियों के स्वास्थ्य की जांच की। अक्तूबर में 94 कर्मचारियों की आंखों की जांच के साथ-साथ ब्लड प्रेशर व शुगर जैसी बीमारियों की जांच की गई थी। इसमें 15 कर्मचारियों की आंखों की रोशनी कम मिली थी। जिन्हें चश्मा लगाने की नसीहत दी गई थी, जिसमें 12 चालक शामिल थे। इसके बाद 2022 में ही सितंबर महीने में भी कर्मचारियों की आंखों की जांच के लिए कैंप लगाया गया था। नागरिक अस्पताल की टीम द्वारा 166 चालकों की आंखों की जांच की गई थी, 2023 में जनवरी माह में तीसरी बार कर्मचारियों की आंखों की जांच के लिए कैंप लगाया गया था, जिसमें नागरिक अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा 60 कर्मचारियों की आंखों की जांच हुई थी। इसमें 40 कर्मचारियों की नजदीक व आठ कर्मचारियों की दूर की नजर कमजोर पाई गई थी।
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कर्मचारियों के स्वास्थ्य जांच के लिए लगाया गया था शिविर
शनिवार को वर्कशाप परिसर में रोडवेज कर्मचारियों के स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कर्मचारियों की आंख, कान के साथ-साथ बीपी व शुगर की जांच की गई। समय-समय पर यह शिविर लगते हैं। जांच में मिली दिक्कत का उपचार किया जाएगा।
कर्मवीर, डीआई जींद