जींद। गुलमर्ग में कल से शुरू हो रही नेशनल विंंटर बैथलॉन शूटिंग में सुदकैण खुर्द गांव निवासी विकास राणा आर्मी से उधार ली गई राइफल के दम पर पदक जीतकर लाना चाहती है। वह अब क्रॉस कंट्री में पांच और दस किलोमीटर की प्रतियोगिता में भाग लेंगी। खिलाड़ी विकास राणा इसके लिए खुद के दम पर अभ्यास कर रही है।
विकास राणा ने बताया कि वह किसान परिवार से संबंध रखती है। उसके पास राइफल नहीं है। राइफल के लिए वह सरकार व प्रशासन से भी मांग कर चुकी है, लेकिन कहीं से भी उनका सहयोग नहीं हुआ। जब सरकार ने सहयोग नहीं किया तो उन्होंने इसके लिए आर्मी से उधार की राइफल का सहयोग मांगा। आर्मी के अधिकारियों ने विकास राणा की उपलब्धियों को देखते हुए इस प्रतियोगिता में उधार के के लिए राइफल देने का निर्णय लिया, ताकि वह प्रतियोगिता में अपनी उपलब्धि दिखा सके। उनको अभ्यास के लिए भी बाहर जाकर कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रतियोगिता में देश भर से 12 टीम भाग लेंगी। प्रदेश से वह एक मात्र महिला खिलाड़ी है। इससे पहले कभी प्रदेश में इस प्रतियोगिता में कोई पदक नहीं आया, लेकिन उन्होंने बीते वर्ष सिल्वर पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया था। इसके बावजूद सरकार ने उनको कोई सहयोग इस खेल में आगे बढऩे के लिए नहीं दिया। वह अब हरियाणा बैथलॉन एसोसिएशन की तरफ से इसमें भाग ले रही है।
खूब उपलब्धियां बटोर चुके हैं
विकास 2022 में जम्मू कश्मीर के गुलमर्ग में हुए राष्ट्रीय खेलों में दो कांस्य पदक जीते थे। 2020 में खेलो इंडिया खेलों में पांच व 10 किलोमीटर में दो स्वर्ण पदक उन्हें मिले थे। राष्ट्रीय खेल 2018 1.6 किलोमीटर स्प्रिंट में रजत पदक जीता था। जापान में विंटर एशियन गेम्स. 2017 में देश का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा गुलमर्ग में 2016 में हुए राष्ट्रीय खेलों में चौथा स्थान प्राप्त किया था।उत्तराखंड के ओली में 2015 में हुए राष्ट्रीय खेलों में चौथा स्थान मिला था।