फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jind News: दबंगई...तार जाने दे रहे न ट्रांसफार्मर...अंधेरे में डूबी अनुसूचित बस्ती

विज्ञापन
31जेएनडी27-छात्तर गांव में दोनों पक्षों से बातचीत करते एसडीएम दलजीत सिंह। स्रोत ग्रामीण
विज्ञापन
उचाना। छात्तर गांव में अनुसूचित जाति के 350 परिवार पांच सालों से अंधेरे में डूबे हैं। इन परिवारों को न तो पूरी वोल्टेज मिलती है और न ही उनके मोहल्ले में ट्रांसफार्मर रखने दिया जा रहा है। शुक्रवार को प्रशासनिक अमला उनके मोहल्ले में ट्रांसफार्मर रखने गया था लेकिन गांव के ही कुछ लोगों ने ट्रांसफार्मर नहीं रखने दिया। हालांकि यह घटना तीसरी बार हुई है जब प्रशासनिक अमला बैरंग लौटा है।
विज्ञापन

डीसी मोहम्मद इमरान रजा के आदेश पर शुक्रवार को छात्तर गांव में एसडीएम दलजीत सिंह के नेतृत्व में बिजली निगम के अधिकारी व कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने जैसे ही ट्रांसफार्मर रखने की प्रक्रिया शुरू की तो वहां गांव के ही कुछ लोग आ गए जिन्होंने वहां ट्रांसफार्मर रखने पर एतराज जताया। उनका कहना था कि यहां पर ट्रांसफार्मर नहीं लगने दिया जाएगा। ऐसे में प्रशासनिक अमला बिना ट्रांसफार्मर रखे लौट गया।
अनुसूचित जाति के लोगों का आरोप था कि गांव के कुछ दबंग लोगों के कारण उनको बिजली मुहैया नहीं हो पा रही है क्योंकि वहां से होते ही उनके घरों तक बिजली लाइन आती है। ऐसे में वह तारों को काट देते हैं जिससे उनको परेशानी होती है या फिर बेहद कम वोल्टेज आती है जिससे बिजली उपकरण चल भी नहीं पाते।
विज्ञापन

हालांकि इससे पहले अमला 30 सितंबर को ट्रांसफार्मर रखने गया था लेकिन वहां निगम अधिकारियों को विरोध किया गया। इसके बाद एसडीओ ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना उचाना में शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।
वर्ष 2021 में हुआ था दो वर्गों के बीच झगड़ा
गांव में वर्ष 2021 में अनुसूचित और सामान्य वर्ग के लोगों के बीच झगड़ा हो गया था। इसके बाद सामान्य वर्ग के लोगों ने अनुसूचित जाति के लोगों का सामाजिक बहिष्कार कर दिया था। इसके बाद अनुसूचित जाति के लोगों ने अलग-अलग दो मामलों में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दी गई। पुलिस ने 15-20 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था लेकिन अभी तक उन मामलों में एक भी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
मामलों में समझौता करोगे, तभी गुजरने देंगे लाइन
अनुसचित जाति के लोगों का कहना था कि सामान्य जाति के लोग उनके द्वारा पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई दो एफआईआर में समझौता चाहते हैं। वह उनको कहते हैं कि दोनों मामलों में समझौता कर लो। इसके बाद वह जहां चाहेंगे वहीं से बिजली लाइन निकालकर ले जा सकते हैं। अब उनको कम वोल्टेज के कारण दिनचर्या के काम नहीं हो पाते। उनके घरों में पेयजल सप्लाई 8-10 दिनों में आती है लेकिन बिजली नहीं आने से उनके बर्तन सूखे रह जाते हैं। फिर उन्हें जलघर या खेतों सें पानी लाना पड़ रहा है। यह समस्या वह पांच सालों से झेल रहे हैं।
वर्जन
छात्तर गांव में ट्रांसफार्मर लगाने को लेकर शुक्रवार को प्रशासनिक अमला गया था। वहां पर कुछ लोगों के विरोध के बाद ट्रांसफार्मर नहीं रखा गया। इसलिए वहां से अमला बैरंग लौट आया।-दलजीत सिंह, एसडीएम, उचाना
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें