जींद। दिवाली के बाद से जिले की हवा का स्तर लगातार खराब हो रहा है। वीरवार को भी जिले में एक्यूआई का स्तर 347 पर पहुंच गया। दिनभर प्रदूषण के कारण आमजन की आंखों में जलन, सांस लेने में परेशानी बनी हुई है।
बढ़ते प्रदूषण के स्तर को लेकर हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। नागरिक अस्पताल में भी बदलते मौसम व प्रदूषण के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सबसे ज्यादा मरीज, जुखाम, खांसी व सांस के आ रहे हैं।
चिकित्सक मरीजों को मास्क लगाने की सलाह के साथ-साथ घरों से बाहर नहीं निकलने के भी परहेज दे रहे हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों के लिए यह समस्या ज्यादा बनी है लेकिन जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे। इसके कारण वायु प्रदूषण कम नहीं हो रहा।
जिले में धान के अवशेष जलाने के 15 से ज्यादा मामले आ चुके हैं। इन पर 50 हजार रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया। सेंट्रल प्रदूषण बोर्ड की टीम ने पिछले सप्ताह प्रदूषण को कम करने के लिए धान के अवशेष निपटान के लिए दौरा भी किया था लेकिन अभी तक कोई विशेष काम नहीं कर पाए।
जिले में एक सप्ताह पहले ग्रैप दो को लागू किया था। इसके नियमों की पालना भी जिले में बेहतर तरीके से नहीं हो रही। इसमें सड़कों पर पानी छिड़कने का प्रावधान है लेकिन वाहनों के कारण दिनभर सड़कों पर धूल उड़ती है। कहीं भी पानी का छिड़काव फिलहाल शुरू नहीं किया गया। इस लापरवाही के कारण जिले के लोगों की सांसों पर संकट छाया हुआ है।
वर्जन
जिले में एक्यूआई का स्तर बढ़ने के कारण सांस के रोगियों के लिए ज्यादा खतरा बना हुआ है। इन मरीजों को मास्क का प्रयोग करना चाहिए और बिना जरूरत के घर से बाहर नहीं निकले। खांसी, जुखाम, एलर्जी व आंखों में जलन के मरीजों की इस मौसम में संख्या बढ़ रही है। हर किसी को सावधानी बरतने की जरूरत है।-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल
30जेएनडी22: आसमान में वीरवार को सुबह के समय छाया स्मॉग। संवाद