फसल बीमा का लाभ पाने के लिए किसान पसीना बहाने को मजबूर
अमर उजाला ब्यूरो
जुलाना:
फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पसीना बहाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों को 48 घंटे बीतने का हवाला देकर कृषि विभाग के अधिकारी शिकायत लेने से मना कर देते है जिस पर किसान निराश होकर घरों को लौटने को मजबूर है।
क्षेत्र के गांव देवरड़ में गत दिनों हुई बारिश से किसानों की कपास, मक्का व बाजरे की फसल को काफी नुकसान हुआ है। किसान अजमेर, रोहतास, व सुमेर का कहना है कि बरसात से उनकी बाजरे व कपास की फसल खराब हो गई है। जब किसान इसकी शिकायत लेकर कृषि विभाग कार्यालय में पहुंचे तो वहां से कर्मचारी व अधिकारी नदारद मिले। वहां पर मौजूद एक कर्मचारी से किसानों ने शिकायत दी तो उन्हें 48 घंटे बीतने का हवाला देकर लौटा दिया गया। इससे किसानों में रोष पनप रहा है। जब मीडिया के सदस्य वहां पर पहुंचे तो कर्मचारियों ने किसानों की शिकायत ली और बीमा अधिकारियों को भेजने पर राजी हुए। किसानों का कहना है कि कृषि अधिकारी उनकी शिकायतों को लेने में आनाकानी कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि फसल की जल्द ही जांच की जाए और किसानों को उचित फसल बीमा दिया जाए।
बॉक्स
विभाग के सभी कर्मचारी और अधिकारी मालवी गांव में लगाई गई प्रदर्शनी में गए हुए थे। किसानों की शिकायतों को लेकर बीमा कंपनियों को भेजा जा रहा है। जैसे ही बीमा कंपनी फसल का मुआयना करने के लिए कहेगी तो गांव में जाकर फसल का मुआयना किया जाएगा।
सुरेंद्र चहल, खंड कृषि अधिकारी जुलाना।