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Jind News: 3 हजार कुत्तों का होगा बधियाकरण, वर्क ऑॅर्डर जारी

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फोटो : 1सड़क पर घूम रहे कुत्ते। संवाद
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प्रवेश चौहान
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रेवाड़ी। शहर में कुत्तों के बधियाकरण के लिए नगर परिषद की तरफ से आखिरकार वर्क ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। 3 हजार कुत्तों के बधियाकरण पर 45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। कुत्तों को रेबीज का इंजेक्शन भी लगाया जाएगा ताकि संक्रमण का खतरा कम हो।
बधियाकरण अभियान को चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। सबसे पहले शहर के उन क्षेत्रों को चुना जाएगा जहां कुत्तों की संख्या ज्यादा है।
इसके बाद विशेष टीम मौके पर जाकर कुत्तों को पकड़कर बधियाकरण केंद्रों तक ले जाएगी। वहां बधियाकरण और टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद कुत्तों को वापस उसी क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा। सितंबर में टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। अब जाकर वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं।
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बता दें कि नगर परिषद की ओर से 4 साल पहले कुत्तों के बधियाकरण को लेकर प्रयास किए गए थे। वह कार्य कुछ समय तक चला लेकिन फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ऐसे में कुत्तों की संख्या 3 हजार से कई गुना ज्यादा भी हो सकती है। पार्षदों ने भी कई बार मीटिंग में कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर मुद्दा उठाया था लेकिन नगर परिषद के कानों में जूं तभी रेंगी, जब सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश में कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर मामला संज्ञान में लिया था।

कुत्तों की बधियाकरण करना बहुत जरूरी
सेक्टर-1 निवासी सुशील, विनोद, राहुल ने बताया कि सेक्टर में स्थिति इस प्रकार की है कि अगर रात के समय में कोई पैदल गुजरे तो कुत्तों के झुंड हमला भी कर सकते हैं। कई बार ऐसा हुआ भी है। रात के समय घर से निकलना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए कुत्तों का बधियाकरण करना बहुत जरूरी है। कई सालों से बधियाकरण नहीं हुआ है। इससे कुत्तों की संख्या काफी बढ़ चुकी है।
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इस साल कुत्तों के काटने के 6500 से अधिक मामले सामने आ चुके



जनवरी से अभी तक कुत्तों के काटने के 6500 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। पूरे जिले में रोजाना 40 से 50 कुत्तों के काटने के मामले सामने आते हैं। इनमें 30 से 40 मामले तो अकेले सिविल अस्पताल के हैं। बाकी ग्रामीण क्षेत्र के मामले इससे ज्यादा हो सकते हैं। कई लोग इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल व क्लीनिक की ओर रुख करते हैं। ऐसे में कुत्तों के काटने की मूल संख्या काफी अधिक है। कुत्तों के काटने से रेबीज नामक बीमारी होती है जो काफी जानलेवा होती है।

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कई लोगों पर कुत्ते ने किया था हमला
पिछले वर्ष गढ़ी बोलनी रोड के पास एक निर्माणाधीन साइट पर कार्य कर रहे कुछ लोगों पर कुत्ते ने हमला कर दिया था। 2 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों को इलाज के लिए ट्राॅमा सेंटर में भर्ती करवाया गया था। एक युवक का अंगूठा कुत्ते ने चबा लिया था। इसी कुत्ते ने पहले भी कई लोगों को काटा था। वहीं सेक्टर में 1 में अप्रैल माह में रात के समय जाते वक्त कुत्तों के झुंड ने एक व्यक्ति पर हमला कर दिया था।

एससी ने दिए हैं ये आदेश
कुत्तों से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, बस स्टैंड, खेल परिसरों और रेलवे स्टेशनों से कुत्तों और अन्य ऐसे मवेशियों को तुरंत हटाए जाने और उन्हें आश्रय गृह भेजने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए 8 हफ्ते का समय दिया है। कहा है कि कुत्तों को उसी जगह वापस नहीं छोड़ा जाना चाहिए जहां से उन्हें उठाया गया था।
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वर्जन:



नगर परिषद का लक्ष्य करीब 3 हजार कुत्तों के बधियाकरण का है। इसके साथ ही उन्हें रेबीज का इंजेक्शन भी लगाया जाएगा। करीब 45 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्क ऑर्डर जारी किया जा चुका है। -पूनम यादव, चेयरपर्सन, नगर परिषद रेवाड़ी।
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