जींद। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली मुहैया हो इसके लिए मेरा गांव जगमग योजना के तहत जिले के गांव शामिल होंगे। इस योजना के तहत निगम ने 120 फीडरों के 238 गांवों में प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इन गांवों को योजना में शामिल होने के बाद ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली मुहैया होगी। टेंडर भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और टेंडर अलॉट होते ही योजना के तहत कार्य शुरू हो जाएगा। इससे बिजली आपूर्ति बेहतर होगी वहीं इन गांवों का लाइन लोस भी घट जाएगा। बिजली निगम का उद्देश्य योजना में शामिल गांवों को 24 घंटे बिजली सप्लाई देना है। इसी उद्देश्य को लेकर जिला के 238 गांवों को मेरा गांव जगमग गांव योजना के तहत गुलजार किया जाएगा।
योजना में शामिल होने से गांवों में बिजली चोरी की घटनाओं में काफी कमी आएगी। इन गांवों में पहले तांबे के तारों की जगह आर्मर्ड केबल बिछाई जाएगी। वहीं पोलों के आसपास बने तारों के जोड़ भी हटाएं जाएंगे ताकि कोई भी ग्रामीण कुंडी लगाकर बिजली चोरी न कर सके। इसके अलावा घरों में लगे मीटरों को बाहर लगाया जाएगा और जिनके मीटर खराब या जले हुए हैं। उनकी जगह इलेक्ट्रॉनिक्स मीटर लगाए जाएंगे। यह सब काम पूरा होने के बाद मेरा गांव जगमग गांव योजना के तहत बिजली सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल इन गांवों में लाइन लॉस अभी ज्यादा है लेकिन योजना के बाद यदि लाइन लॉस में 20 प्रतिशत से ऊपर रहता है तो 17 घंटे तक के हिसाब से बिजली मुहैया करवाई जाएगी। जिला के 57 गांव ऐसे हैं, जिनको मेरा गांव जगमग गांव योजना में शामिल कर लिया है।
इन फीडरों के अधीन गांव होंगे शामिल
डोहानाखड़ा, रसीदां, मलिकपुर, जामनी, बेरीखड़ा, रिटोली, बूढ़ाखेड़ा, पीकेएम, देशखेड़ा, गतौली, खरैंटी, 11 केवी धमतान साहिब, 11 केवी खापड़, मुआना, सिंघाना, खेड़ा खेमावती, जयपुर, डिडवाड़ा, भुरायण, 11 केवी दबलैन, बहादुरगढ़, करसिंधु, साहनपुर, मलार, कारखाना, हरिगढ़, कुराड़, निम्नाबाद, सुदकैन, अंबरसर, गुरुसर फीडर के अधीन आने वाले गांवों को शामिल किया जाएगा। वहीं जिला के 12 गांव ऐसे हैं, जिसमें योजना के तहत 24 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है। इन गांवों में रसीदां, बेरीखेड़ा, रिटोली, बूढ़ाखेड़ा, खेड़ा खेमावती, जयपुर, डिडवाड़ा, भुरायण, बहादुरगढ़, साहनपुर, कारखाना और हरिगढ़ गांव शामिल हैं। इन गांवों में लाइन लोस दस प्रतिशत से कम है।
बिजली चोरी की घटनाओं पर लगेगा अंकुश
120 फीडरों के 238 गांवों के मेरा गांव जगमग योजना में शामिल होने के बाद बिजली चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। फिलहाल जिले में लाइन लोस 30 प्रतिशत से ऊपर है, जिससे बिजली निगम को नुकसान हो रहा है। हालांकि चोरी रोकने के लिए बिजली निगम का अभियान लगातार जारी रहता है। पिछले साल जिले में 4151 लोग बिजली चोरी करते हुए पकड़े थे। उन पर सात करोड़ 52 लाख 34 हजार रुपये जुर्माना वसूलकर 4137 लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में एफआईआर दर्ज भी करवाई गई थी। जींद डिविजन में 1981 जगह बिजली चोरी मिलने पर तीन करोड़ 82 लाख 29 हजार रुपये, नरवाना सब डिविजन में 1413 लोगों पर दो करोड़ 25 लाख 63 हजार रुपये और सफीदों सब डिविजन में 757 लोगों पर एक करोड़ 44 लाख 42 हजार रुपये जुर्माना लगाया था।
निगम सर्कल के 120 फीडरों के 238 गांवों को मेरा गांव जगमग योजना में शामिल किया जाएगा। इसको लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। टैंडर अलॉट होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
प्रमोद कुमार, अधीक्षक अभियंता, बिजली निगम जींद
25जेएनडी11-बिजली निगम कार्यालय। संवाद