अमर उजाला ब्यूरो
जींद।
नगर परिषद के उप प्रधान सुभाष जांगड़ा को गोली मारने के मामले में मुख्य आरोपी मंजीत की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में जांगड़ा के परिवार के लोगों और कई संगठनों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान एसडीएम महावीर प्रसाद को मांगों का ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही इन लोगों ने कहा कि पुलिस इस मामले में कई प्रभावशाली लोगों को बचा रही है। प्रदर्शन के दौरान करीब एक घंटा तक गोहना रोड पर जाम की स्थिति बनी रही।
मंगलवार को समाज के लोग नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और यहां से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। इस दौरान शहर के जानेमाने राजनेताओं और कुछ अधिकारियों पर भी आरोप लगाए गए हैं। ज्ञापन में मांग की कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की जाए। साथ ही सुभाष जांगड़ा ने अपने बयान में जिन लोगों का नाम लिया है, उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए और सुभाष जांगड़ा व उनके परिजनों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि अगर हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह प्रदेश स्तर पर धरना शुरू कर देंगे।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि उप प्रधान सुभाष जांगड़ा ने पुलिस को दिए बयान में उन पर हमले में बदमाश मंजीत के साथ साथ नगर परिषद से जुड़े कुछ नेता व अधिकारियों पर भी शक जताया है, लेकिन पुलिस इस थ्योरी पर काम नहीं कर रही है। इन लोगों ने मांग की कि सुभाष जांगड़ा द्वारा जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन देने वालों में महेंद्र सिंह जांगड़ा, चंद्रभान, शीशपाल, सोमदेव, सूर्य प्रकाश, कृष्ण, धर्मसिंह, नरेश मौजूद रहे। इस दौरान गोहान रोड पर जाम की स्थिति बन गई। प्रदर्शन समाप्त होने के कई देर के बाद यातायात सामान्य हो सका।
गौरतलब है कि सुभाष जांगड़ा को 21 फरवरी को गोली मारी गई थी। 22 फरवरी को पुलिस ने उसके बयान लिया। इस दौरान सुभाष ने कहा कि अपने वार्ड के विकास कार्य के लिए उसकी नगर परिषद में एक नेता व एक अधिकारी से झगड़ा हुआ है, लेकिन पुलिस ने उसकी पत्नी के बयान के आधार पर केस दर्ज किया है।