जींद। निपुण भारत मिशन के तहत प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) मजबूत करने के लिए जिले में 27 अक्तूबर से छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू होगा। इसमें जिले के 423 प्राथमिक विद्यालयों के 1691 शिक्षक हिस्सा लेंगे। सातों खंडों में प्रशिक्षण के लिए 43 बैच बनाए गए हैं।
शिक्षकों को बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणित की कमजोरियों को पहचानने के साथ उन्हें दूर करने की गतिविधि आधारित शिक्षण विधियां सिखाई जाएंगी। प्रशिक्षण को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशिक्षण आवासीय और गैर-आवासीय दोनों व्यवस्थाओं के तहत आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों की नींव मजबूत करना और उनकी सीखने की क्षमता में सुधार लाना है।
खंडवार शिक्षकों और बैचों की संख्या निर्धारित
प्रशिक्षण में खंड जींद के 393 शिक्षक 10 बैचों में शामिल होंगे। उचाना के 319 शिक्षक आठ, नरवाना के 312 शिक्षक आठ, जुलाना के 208 शिक्षक पांच और सफीदों के 206 शिक्षक पांच बैचों में प्रशिक्षण लेंगे। इसी तरह अलेवा के 145 शिक्षकों के लिए चार और पिल्लूखेड़ा के 108 शिक्षकों के लिए तीन बैच निर्धारित किए गए हैं।
प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर रहेगी निगरानी
प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक बैच के पहले दिन डीसी, एडीसी व एसडीएम से उद्घाटन करवाया जाएगा। सभी बैचों का विवरण और शिक्षकों की उपस्थिति ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होगी। जिला मौलिक शिक्षा कार्यालय की टीमें प्रशिक्षण स्थलों का औचक निरीक्षण करेंगी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) की टीमें भी गुणवत्ता पर नजर रखेंगी।
बाक्स
प्रशिक्षण में खेल-खेल में पढ़ाने, गतिविधि आधारित अधिगम और सुधारात्मक शिक्षण के तरीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे शिक्षकों को प्रत्येक बच्चे की सीखने संबंधी कठिनाइयों को समझकर उसके अनुरूप पढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी शिक्षकों से निर्धारित समय पर प्रशिक्षण में शामिल होने और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को हासिल करने में सहयोग देने की अपील की।
-राजेश वशिष्ठ, जिला समन्वयक एफएलएन जींद।